Hindi NewsUP NewsThe issue of recovering the cost of smart prepaid electricity meters has escalated, increasing UPPCL difficulties
बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर के दामों की वसूली के मामले ने तूल पकड़ा, यूपीपीसीएल की बढ़तीं मुश्किलें

बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर के दामों की वसूली के मामले ने तूल पकड़ा, यूपीपीसीएल की बढ़तीं मुश्किलें

संक्षेप:

यूपी में नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने और उसके एवज में दाम वसूली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यूपी पॉवर काॅरपोरेशन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

Fri, 24 Oct 2025 06:24 AMDeep Pandey लखनऊ, हिन्दुस्तान
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यूपी में नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने और उसके एवज में 6016 रुपये वसूलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन की मुसीबत बढ़ती दिख रही है। केंद्र सरकार ने आरडीएसएस योजना के तहत मौजूदा बिजली ढांचा को मजबूत करने, गैर विद्युतीकृत क्षेत्रों में विद्युतीकरण और बकाए की समस्या के समाधान के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए कहा था। केंद्र ने कहा कि 18 हजार करोड़ रुपये से मौजूदा बिजली उपभोक्ताओं के मीटर बदल दिए जाएं।

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प्रदेश में 3.65 लाख के करीब बिजली कनेक्शन धारक उपभोक्ता हैं। केंद्र ने नए बिजली कनेक्शन को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया था, वहीं दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन ने टेंडर 18 की जगह 27 हजार करोड़ में कर दिए। तब तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खरीद यूपी में हुई नहीं थी, तो इसके दामों का अंदाजा भी नहीं था। नियामक आयोग ने अब पावर कार्पोरेशन से नए उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के एवज में 6016 रुपये वसूलने को लेकर जवाब मांगा है। इसके लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। अब सबकी निगाहें कार्पोरेशन के जवाब पर टिकी है।

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जानकारों का कहना है कि कार्पोरेशन की मुश्किलें इसलिए बढ़ती दिख रही हैं क्योंकि उसने मीटर खरीद की दरें स्पष्ट नहीं की हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्मार्ट प्रीपेड मीटर बाजार से महंगी रेट पर खरीदे गए या फिर महाराष्ट्र की तर्ज पर कम रेट पर खरीद हुई। मगर उपभोक्ताओं के यहां ज्यादा रेट पर लगाकर मुनाफा कमाया जा रहा है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि अब सुनवाई में नौ हजार करोड़ टेंडर में ज्यादा खर्च का भी जवाब देना होगा। नए कनेक्शन पर पैसा लेने का लोभ कारपोरेशन के लिए पूरी योजना पर भारी पड़ेगा।

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Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey
दीप नरायन पांडेय, डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में हैं। राजनीति के साथ क्राइम और अन्य बीटों पर काम करने का अनुभव। और पढ़ें
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