
सीतापुर में वन विभाग को मिली बड़ी सफलता, युवक का शिकार करने वाली बाघिन पिंजरे में कैद
सीतापुर में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। आतंक का पर्याय बन चुकी बाघिन को शनिवार देर रात वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। बाघिन ने करीब एक महीने पहले युवक का शिकार किया था। साथ ही कुछ मवेशियों को भी निवाला बनाया था।
यूपी के सीतापुर में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। बीते 28 दिन से महोली तहसील क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुकी बाघिन को शनिवार देर रात वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। बाघिन ने करीब एक महीने पहले युवक का शिकार किया था। इस बीच उसने मवेशियों को भी अपना निवाला बनाया।

22 अगस्त को महोली के नरनी गांव में युवक को निवाला बनाने के बाद से स्थानीय वन विभाग की टीम के साथ दुधवा की टीम गांव में सक्रिय थी। बीते 28 दिनों में कई बार इसको ड्रोन में कैद किया गया व पगचिह्न भी मिले। इस दौरान बाघिन ने दो से तीन मवेशियों को अपना निवाला भी बनाया। बाघिन के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन के साथ दो शावक भी थे जो की एक फिलहाल विभाग की पकड़ से दूर हैं।
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि हमारी टीम लगातार बाघिन के मूवमेंट पर नजर रखे हुए थी। मौका पाकर ठोस रणनीति के साथ उसे पिंजरे में कैद कर लिया गया है। अब उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद इसको कहां लेकर जाना है इस पर फैसला लिया जाएगा। क्षेत्र में यदि कोई और जानवर भी है तो उसको भी रेस्क्यू किया जाएगा। रेस्क्यू के बाद नरनी गांव में डीएफओ नवीन खंडेलवाल समेत वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बाघिन के पकड़े जाने की खबर गांव में फैलते ही मौके पर ग्रामीण भी एकत्र हो गए।
बहराइच मेंमां के सामने ही मासूम को खींचकर ले गया भेड़िया
उधर, बहराइच जिले में शनिवार को एक भेड़िया दिनदहाड़े घर के आंगन में बैठे दूध पी रहे तीन साल के एक बच्चे को उसकी मां के सामने से खींचकर जंगल में ले गया। घटना मंझारा तौकली इलाके के गंधु झाला गांव की है। रक्षा राम का तीन वर्षीय बेटा अंकेश घर के बरामदे में बैठा दूध पी रहा था, जबकि उसकी मां आंगन में ही मौजूद थी।
तभी एक भेड़िया वहां आ धमका और अंकेश को जबड़े में दबाकर भाग निकला। मां के चीखने-चिल्लाने पर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर भेड़िए के पीछे दौड़े लेकिन भेड़िया बच्चे को लेकर गन्ने के खेतों में गायब हो गया। लेकिन देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चल सका।





