अयोध्या के गांव में दफन आतंकी अब्दुल रहमान; जेल में हुई थी हत्या, राम मंदिर हमले की साजिश का आरोपी
राम मंदिर हमले की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या के बाद शव अयोध्या लाकर कड़ी सुरक्षा में दफनाया गया। गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।

राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान का शव हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल से पोस्टमार्टम के बाद अयोध्या लाया गया, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे शव इनायतनगर थाना क्षेत्र के मजनाई गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था और गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी गांव में तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए रहे।
पुलिस की मौजूदगी में सुबह करीब 7:15 बजे गांव के कब्रिस्तान में लगभग 200 लोगों की मौजूदगी में अब्दुल रहमान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की नीमका जिला जेल के भीतर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया। शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंपा गया और भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अयोध्या लाया गया। प्रशासन ने पहले ही गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी थी, ताकि किसी भी तरह का तनाव न पैदा हो।
जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था और उसकी निशानदेही पर विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी। इस मामले की जांच विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही थी।
मृतक के पिता अबुल बकर ने बताया कि पिछले सप्ताह उनकी बेटे से बात हुई थी और उसने कहा था कि जेल में किसी से उसकी कोई दुश्मनी नहीं है और सब कुछ सामान्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बेटे की जमानत होने वाली थी, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
वहीं परिजनों ने हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या को बेहद चिंताजनक बताया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने भी घटना को लेकर चिंता जताई है। फिलहाल जेल के भीतर हुई हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं और नीमका जिला जेल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।



