तीन बच्चों की मां के इश्क में फंसा प्रेमी, ससुराल वालों ने बहू को भी दी सजा, पूरे गांव में किया बेइज्जत
इटावा में तीन बच्चों की मां को युवक से प्रेम करना भारी पड़ गया। प्रेमी के साथ भागी महिला जब वापस लौटी तो ससुराल वालों ने दोनों को खौफनाक सजा दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर दोनों को बचाया जा सका।

Etawah News: यूपी के इटावा में तीन बच्चों की मां को दूसरे युवक से प्रेम-प्रसंग करना भारी पड़ गया। कुछ दिन पहले महिला प्रेमी के साथ फरार हो गई। वापस आने वाले उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। प्रेमिका को भगाने की सजा उसके प्रेमी को भी दी गई। महिला के ससुराल वालों ने जाल बिछाकर प्रेमी को चुपके से बुला लिया। महिला के ससुराल वालों ने प्रेमी को पकड़कर एक कमरे में बंधक बनाकर रातीार पीटा। शनिवार सुबह दोनों का मुंह काला कर गांव में घुमाया। सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची और ग्रामीणों से चंगुल से दोनों को मुक्त कराया। दोनों को थाने ले जाकर उन्हें सुरक्षित किया गया।
गांव निवासी तीन बच्चों की मां 26 मार्च को मैनपुरी के रहने वाले एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। घटना के बाद महिला के परिजन उसकी तलाश में जुटे और 27 मार्च की शाम उसे खोजकर वापस गांव ले आए। महिला का आरोप है कि घर लाने के बाद उसके साथ परिजनों ने मारपीट की। रात करीब 10 बजे ससुराल वालों ने महिला से फोन करवाकर उसके प्रेमी को गांव के बाहर बुलाया। प्रेमिका के बुलाने पर प्रेमी रात करीब 11 बजे गांव पहुंचा तो पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटा। पूरी रात कमरे में बंद कर करके पीटा।
चप्पलों की माला बनाने से पहले पहुंच गई पुलिस
शनिवार सुबह करीब पांच बजे उसके साथ फिर मारपीट की गई। इसके बाद महिला और युवक का मुंह काला कर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। कुछ लोग उनके लिए चप्पलों की माला बनाने की तैयारी भी कर रहे थे, इसी बीच पुलिस पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया गया। वैदपुरा थाना प्रभारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। मौके से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पीड़ित युवक और महिला को सुरक्षित थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। इस तरह से किसी को मारना-पीटना और मुंह काला कर गांव में घुमाना सही नहीं है। इस कृत्य के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रेमी के साथ ही जाऊंगी.. थाने में अड़ी महिला
वैदपुरा थाना में महिला अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी हुई है। महिला का कहना है कि उसका प्रेम संबंध काफी समय से चल रहा था। शादी के बाद ससुराल आने पर उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। आरोप लगाया कि ससुर और देवर उसे प्रताड़ित करते थे। वह किसी भी हालत में अपने प्रेमी का साथ नहीं छोड़ेगी। उसके तीनों बच्चे उसके साथ चलने को तैयार होंगे तो वह उन्हें भी अपने साथ ले जाएगी। घटना के दौरान महिला के शरीर पर चोट के निशान पाए गए है। आरोप लगाया कि उसके दोनों देवरों ने उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस लगातार दबिश देकर शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। थाना प्रभारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि महिला के ससुर की तहरीर पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। महिला के बयान के आधार पर धाराओं में तरमीम किया जाएगा। मामले में दोनों देवरों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


