
हमारी संस्कृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, भगवा पर अभद्र टिप्पणी से नाराज हुए विधायक, छीना माइक
सुल्तानपुर जिले के अमरेमऊ में बौद्ध विहार मंदिर परिसर में शनिवार की शाम को आयोजित अशोक विजय दशमी कार्यक्रम में मंच साझा करने के दौरान विधायक राजेश गौतम और मोस्ट कल्याण समिति संस्थान के संयोजक श्यामलाल निषाद के बीच उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सुल्तानपुर जिले के अमरेमऊ में बौद्ध विहार मंदिर परिसर में शनिवार की शाम को आयोजित अशोक विजय दशमी कार्यक्रम में मंच साझा करने के दौरान विधायक राजेश गौतम और मोस्ट कल्याण समिति संस्थान के संयोजक श्यामलाल निषाद के बीच उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आयोजक की तरफ से भगवा व सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी की गई।

मंच पर विधायक कादीपुर राजेश गौतम, पूर्व विधायक भगेलूराम सहित दर्जनों गणमान्य लोग मौजूद थे तभी मोस्ट के पदाधिकारी श्यामलाल लाल निषाद ने उन्होंने हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह के सामने मंच से ही भगवा और हिंदू धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दे डाला। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, हिंदुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। अपने भाषण में मोस्ट के पदाधिकारी ने जगतगुरु रामभद्राचार्य की कथा और प्रवचन न सुनने, हिंदू धर्म में आस्था न रखने की की नसीहत तक लोगों को दे डाली।
मंच पर मौजूद विधायक कादीपुर तब तक चुप रहे, लेकिन जैसे ही वक्ता ने दिल्ली के रोहणी में तथाकथित बाबाओं को ढाल बनाकर हिंदू आस्था पर अभद्र टिप्पणी की, तभी विधायक राजेश मंच से उठे और वक्ता के पास पहुंचकर माइक छीन लिया और कही गई बातों का खंडन करते हुए वक्ता का विरोध किया। इस दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और मारपीट पर अमादा हो गए। विधायक राजेश गौतम ने मंच से कहा कि हमारी संस्कृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोले मैं भले ही दलित परिवार में जन्मा हूं, लेकिन पहले हिंदू हूं, बाद में दलित हूं,। कहा हम हर मंगलवार को विजेथुआ धाम पहुंचकर हनुमान जी का दर्शन करते हैं, आज तक मुझे तो किसी ने नहीं रोका और टोका।
मुकदमा दर्ज करने की मांग
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए करौंदीकला थाने की पुलिस को तहरीर दी। शनिवार की शाम सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हिन्दू संगठन के लोगों ने थाने पहुंचकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मोस्ट कल्याण संस्थान के संयोजक श्यामलाल निषाद व आयोजन समिति के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
सुलतानपुर मोस्ट संस्थान निदेशक श्यामलाल निषाद का कहना है कि मेरे द्वारा किए जा रहे शिक्षा जागरूकता और सामाजिक कार्यों से विधायक कादीपुर बौखलाए हैं, ऐसे में वे मेरे ऊपर बिना साक्ष्य के अनर्गल आरोप लगा रहे है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया जिससे किसी की भावना को ठेस पहुँचे।
करौंदकला थानाध्यक्ष चंद्रभान ने बताया, मोस्ट कल्याण संस्थान ने कार्यक्रम कराने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली थी। संस्थान के संयोजक श्यामलाल निषाद की तरफ से की गई टिप्पणी जानकारी हुई है। जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।





