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तालिबान सरकार के विदेश मंत्री का आज देवबंद दौरा, 15 उलेमा करेंगे अफगानी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी

तालिबान सरकार के विदेश मंत्री का आज देवबंद दौरा, 15 उलेमा करेंगे अफगानी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी

संक्षेप: शुक्रवार को दारुल उलूम मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने 15 उलेमा की सूची जारी की। जो कि अफगानी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी करने के बाद उनसे मुलाकात करेंगे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल दारुल उलूम के तलबा (छात्रों) को नवनिर्मित लाइब्रेरी के हॉल में संबोधित करेगा।

Sat, 11 Oct 2025 08:39 AMAjay Singh संवाददाता, देवबंद
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अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मौलाना अमीर खान मुत्तकी शनिवार को दारुल उलूम पहुंचेंगे। इस दौरान वह उलेमा से मुलाकात कर तलबा को संबोधित करेंगे। दारुल उलूम प्रशासन ने 15 वरिष्ठ उलेमा की सूची जारी की है जो अफगानी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी करेगा। वर्ष 2021 से अफगानिस्तान में सत्तानशीन तालीबान सरकार के विदेश मंत्री मौलाना अमीर मुत्तकी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे थे।

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इस दौरान उन्होंने भारत सरकार के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। इस दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य सहित वीजा विस्तार पर चर्चा की गई। जिससे उम्मीद जताई जा रही है अफगानिस्तान से भारत पढ़ने वाले छात्रों को दारुल उलूम में इस्लामिक शिक्षा सहित दूसरे क्षेत्रों में शिक्षा के द्वार भी खुलने की संभावना जताई जा रही है।

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शुक्रवार को दारुल उलूम मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने 15 उलेमा की सूची जारी की। जो कि अफगानी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी करने के उपरांत उनसे मुलाकात करेंगे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल दारुल उलूम के तलबा (छात्रों) को नवनिर्मित लाइब्रेरी के हॉल में संबोधित करेगा।

दारुल उलूम में अफगानिस्तान के बादशाह के नाम पर है बाब-ए-जहीर गेट

अफगानिस्तान के अंतिम बादशाह मोहम्मद जहीर शाह की याद में दारुल उलूम में आज भी उनके नाम से बाब-ए-जहीर गेट बना हुआ है। 25 फरवरी 1958 को दारुल उलूम भ्रमण के दौरान जब वह संस्था में आए तो कुरआन पढ़ने वाले बच्चों के लिए उन्होंने 25 फीट ऊंचे गेट का निर्माण इस तरह कराया था कि उसमें दोनों ओर आठ कमरे बनवाएं गए, जिसमें बैठकर बच्चे कुरआन की तालीम हासिल कर सकें। इस गेट का नाम उन्हीं के नाम पर बाब-ए-जहीर शाह रखा गया।

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हालांकि 67 वर्ष पुराने इस निर्माण को हटाने के लिए वर्ष 2006 में प्रयास किया गया था, लेकिन उस समय सत्ता से पदच्यूत हो चुके अफगानिस्तान के पूर्व बादशाह ने उक्त निर्माण को हटाने की सहमति नहीं दी थी। हालांकि 23 जुलाई 2007 में उनके निधन के बाद दारुल उलूम में नवनिर्माण होने के चलते उक्त गेट को हटाने की चर्चाए चली, लेकिन अभी तक यह गेट हटाया नहीं जा सका और उनके ही नाम से ही गेट जाना जाता है। जबकि इसके दोनों ओर सहित इसके पीछे बड़ी लाइब्रेरी का निर्माण का निर्माण किया जा चुका है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलाना अमीर खान इसी गेट से होते हुए नवनिर्मित लाइब्रेरी के भवन में पहुंचेंगे, जहां वह संस्था के तलबा को संबोधित करेंगे।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
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