यूपी से संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ट्रेनिंग कैंप में भेजने की थी तैयारी, कमरे से मिले जेहादी दस्तावेज
सहारनपुर जिले में एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। ज्वाइंट ऑपरेशन जलाकर यूपी और एमपी एटीएस ने एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उसके कमरे से जेहादी दस्तावजे भी मिले हैं।

Saharanpur News: मध्यप्रदेश और यूपी एटीएस ने सहारनपुर जिले के ननौता में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया। जहां से संदिग्ध आतंकी नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। एक दिन पहले नईम के एक साथी मोहम्मद फराज को मध्यप्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किया था। फराज के मोबाइल की जांच में नईम का नाम सामने आया था। खुलासा हुआ कि दोनों देवबंद के एक मदरसे से जुड़े थे और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन से दोनों का कनेक्शन भी सामने आया है। दोनों को एक ट्रेनिंग कैंप में हथियारों और विस्फोटकों की ट्रेनिंग के लिए भेजने की तैयारी हो रही थी। नईम से खुफिया एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं।
मध्यप्रदेश एटीएस को पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन से जुड़े मोहम्मद फराज का इनपुट मिला था। गुरुवार को मध्य प्रदेश एटीएस ने काली कैंप के पास से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कमरे पर दबिश दी गई, जहां से कुछ संवेदनशील दस्तावेज और कुछ अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। इसके अलावा फराज के पास से पाकिस्तान से भेजे गए जेहादी दस्तावेज भी बरामद हुए थे। मोहम्मद फराज से पूछताछ और मोबाइल की जांच के बाद सहारनपुर के ननौता निवासी नईम के नाम का खुलासा हुआ था। इसके बाद मध्य प्रदेश एटीएस ने यूपी एटीएस से संपर्क किया।
एटीएस को चार मोबाइल भी मिले
शुक्रवार को दोपहर बाद दोनों राज्यों की एटीएस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में नईम को उसके गांव से उठा लिया। एटीएस भोपाल के इंचार्ज राहुल कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने पूरे घर की तलाशी ली। इस दौरान चार मोबाइल फोन तथा धार्मिक-जेहादी साहित्य बरामद हुआ। एक मोबाइल फोन को विशेष जांच के लिए जब्त किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इसमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं। अधिकारियों ने अभी विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया है।
पाकिस्तानी नेटवर्क तोड़ने को कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई
जांच टीम के अनुसार यह कार्रवाई बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है। विभिन्न राज्यों में एक साथ छापेमारी और पूछताछ की जा रही है, इसलिए अफसर कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। दोनों राज्यों की एटीएस इस पूरे आतंकी नेटवर्क, इसके विदेशी कनेक्शन और आगे की आतंकी गतिविधियों को लेकर जांच में लगी है। आईबी और एनआईए भी छानबीन कर रही है। मोहम्मद फराज और नईम दोनों ही पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन से जुड़े सदस्यों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इन लोगों की व्हाट्सएप के जरिये बातचीत होती थी। कुछ ग्रुप वीडियो कॉल में भी दोनों शामिल हो चुके थे। देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दोनों का ब्रेनवॉश किया गया था। दोनों आरोपी देवबंद के एक मदरसे से भी जुड़े हैं, जिसे लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल फराज और नईम से पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों को देश से बाहर हथियार और विस्फोटक की जानकारी के लिए ट्रेनिंग पर भेजने की तैयारी चल रही थी। ये भी माना जा रहा है कि इन दोनों को अपने साथ अन्य युवकों को रिक्रूट करने के लिए जिम्मेदारी दी गई हो।
ननौता के मोहल्ला अफगानान में मचा हड़कंप
नानौता। नानौता के मोहल्ला अफगानान में यूपी और एमपी एटीएस और स्थानीय पुलिस टीम पहुंचने से हड़कंप मच गया। टीम नईम के घर की तलाशी लेने के बाद उसे अपने साथ लेकर चली गई। एजेंसियों ने परिजनों को बताया कि नईम पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था, मध्य प्रदेश में दर्ज एक मुकदमे में उसका नाम सामने आया है। छापेमारी की खबर फैलते ही पूरे नानौता क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। मोहल्लेवासियों के अनुसार आरोपी युवक अधिकांश समय घर के भीतर ही रहता था और बहुत कम लोगों से मेलजोल रखता था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संपर्कों, मोबाइल डेटा और अन्य गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


