यूपी के 60 हजार बेरोजगारों को अब सुप्रीम कोर्ट से ही आखिरी उम्मीद, इस भर्ती के सबसे ज्यादा अभ्यर्थी

Ajay Singh संयोग मिश्र, प्रयागराज
share

परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विभिन्न शिक्षक भर्तियों के इन आवेदकों को अब सुप्रीम कोर्ट से ही आखिरी उम्मीद है। सर्वाधिक बेरोजगार सबसे लंबे समय से विवादों में चल रही 72825 प्रशिक्षु भर्ती की है। इसमें न्यूनतम कटऑफ से अधिक होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों की याचिकाएं विचाराधीन हैं।

यूपी के 60 हजार बेरोजगारों को अब सुप्रीम कोर्ट से ही आखिरी उम्मीद, इस भर्ती के सबसे ज्यादा अभ्यर्थी

UP News: उत्तर प्रदेश के 60 हजार बेरोजगारों को सुप्रीम कोर्ट से नौकरी की आस लगी है। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विभिन्न शिक्षक भर्तियों के इन आवेदकों को शीर्ष अदालत से ही आखिरी उम्मीद है। सर्वाधिक बेरोजगारों की फौज सबसे लंबे समय से विवादों में चल रही 72825 प्रशिक्षु भर्ती की है। इसमें न्यूनतम कटऑफ से अधिक होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों की याचिकाएं शीर्ष अदालत के विचाराधीन हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दो महीने पहले जारी याचिकाकर्ताओं की सूची में 25 जुलाई 2017 के पहले हुई याचिकाओं में शामिल 14,851 अभ्यर्थियों का नाम था।

वैसे तो इस मामले में 16 दिसंबर 2025 तक 16,478 अभ्यर्थियों ने विस्तृत प्रोफॉर्मा जमा किया था लेकिन 1627 अभ्यर्थियों के 25 जुलाई 2017 से पहले दायर याचिका का विवरण नहीं देने के कारण उनका नाम सूची में शामिल नहीं था। हालांकि इस भर्ती से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान तारीख टलते ही याचियों की संख्या 32 हजार तक पहुंच गई है। चूंकि इस भर्ती में रिक्त 6170 पद पर नियुक्ति को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का रुख सकारात्मक है इसलिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कतार में लग गए हैं।

Voice of UP

69000 सहायक अध्यापक भर्ती में भी तस्वीर लगभग ऐसी ही है। इस भर्ती में ईडब्ल्यूएस, आरक्षण, मेरिट लिस्ट और चयन प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिकाओं से तकरीबन 25 हजार बेरोजगार जुड़े हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से इस मामले में सख्ती से जवाब मांगा था। वहीं 12460 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त 656 पदों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं में बेरोजगारों की संख्या लगभग ढाई हजार है।

डेढ़ दशक में भी नहीं सुलझा

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती शुरू होने के तकरीबन डेढ़ बाद भी विवाद सुलझ नहीं सका है। 30 नवंबर 2011 को विज्ञापन जारी होने के बाद लंबी कानूनी लड़ाई चली और 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले ने 66655 नियुक्तियों को सुरक्षित किया था। हालांकि उसके बावजूद कटऑफ से अधिक अंक पाने वाले तमाम अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए थे। इन्हीं अभ्यर्थियों ने सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिकाएं की हैं।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।