
बार में वित्तीय अनियमितता का मामला फिर गरमाया
संक्षेप: Sultanpur News - सुलतानपुर बार एसोसिएशन में वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा फिर से गरमाया है। उप रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत ने चार्टेड एकाउंटेंट से जांच कराने का निर्देश दिया है। बार अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह ने पूर्व पदाधिकारियों पर कार्रवाई को शून्य घोषित किया है। पूर्व अध्यक्ष नागेन्द्र सिंह ने इसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया है।
सुलतानपुर, संवाददाता। बार एसोसिएशन में दो कार्यकालों में वित्तीय अनियमितता का मुद्दा फिर जोर पकड़ रहा है। सोसायटीज एवं चिट्स फंड के उप रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत ने अनियमितता की जांच चार्टेड एकाउंटेंट से कराने का निर्देश दिया है। बार अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह ने पूर्व पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई को शून्य घोषित कर दिया है। पूर्व अध्यक्ष नागेन्द्र सिंह ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा गिराने के लिए गलत ढंग से कार्रवाई हुई थी। उधर, अधिवक्ता अरविन्द सिंह राजा ने पी. नजीर बनाम सलाफी ट्रस्ट में केस में दी गई सुप्रीम कोर्ट की विधि व्यवस्था का हवाला देते हुए पत्रकारों को बताया कि बार एसोसिएशन के बाईलाज के अनुसार हुई कार्रवाई को अवैध घोषित करने का अधिकार केवल सक्षम न्यायालय को है।

उप रजिस्ट्रार को पंजीकरण से संबंधित काम देखने का अधिकार है। एडवाइजरी बोर्ड की जांच में पूर्व अध्यक्ष नागेंद्र सिंह और सचिव राकेश श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष अरविंद पांडेय एवं सचिव आर्तमणि मिश्र के कार्यकाल में लाखों की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। जिस पर पूर्व अध्यक्ष रणजीत सिंह त्रिशुंडी ने इन पदाधिकारियों पर कार्रवाई की थी। कार्रवाई को मॉडल बायलॉज के विरुद्ध बताते हुए उसे सोसायटीज एवं चिट्स फंड के उप रजिस्ट्रार अयोध्या के यहां चुनौती दी गई थी जिन्होंने जांच चार्टेड एकाउंटेंट से कराने का निर्देश दिया। जिसको लेकर दीवानी में वकीलों की बैठक के बाद अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह ने पूर्व पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई को निराधार बताते हुए शून्य घोषित कर दिया है।

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