एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में दो और आरोपी आए प्रकाश में, कोर्ट में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में एससी/एसटी एक्ट के एक मुकदमे में नए आरोपियों के नाम प्रकाश में आए हैं। आरोपी प्रमोद और प्रदीप कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का पुलिस ने न्यायालय से अनुरोध किया है। मामले की विवेचना जारी है और वादी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप बढ़ाए गए हैं।

सुलतानपुर, संवाददाता। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के एक मुकदमे में विवेचना के दौरान दो और व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने न्यायालय को आख्या भेजकर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेने का अनुरोध किया है। जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम बेला पश्चिम निवासी वीरू कोरी की तहरीर पर 7 मई 2026 को थाना कुड़वार में एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में नितेश मिश्रा एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा की जा रही है।विवेचना के दौरान वादी द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों, जिसमें क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल की तस्वीरें भी शामिल हैं, के आधार पर मुकदमे में धारा 324(4) बीएनएस जोड़ी गई।
साथ ही अपराध की प्रकृति को देखते हुए एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5ए) की भी वृद्धि की गई।पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान वादी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रमोद कुमार पुत्र शीतला प्रसाद तथा प्रदीप कुमार पुत्र शीतला प्रसाद निवासी ग्राम राजापुर, थाना कुड़वार के नाम भी प्रकाश में आए हैं। दोनों आरोपियों को मुकदमे में वांछित बताया गया है।इस संबंध में विवेचक अधिकारी ने विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट न्यायालय में आख्या प्रस्तुत कर अनुरोध किया है कि यदि दोनों आरोपी आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए। मामले की विवेचना अभी जारी है।
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