नो-एंट्री के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद हो : अनूप
सुलतानपुर के गल्ला एवं किराना व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर नो-एंट्री व्यवस्था के अंतर्गत हो रहे व्यापारिक उत्पीड़न को रोकने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि वे परंपरागत रूप से व्यापार कर रहे हैं और इस व्यवस्था के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सुलतानपुर, संवाददाता । गल्ला एवं किराना व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नो-एंट्री व्यवस्था के नाम पर हो रहे कथित व्यापारिक उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि नगर के गल्ला एवं किराना व्यापारी कई पीढ़ियों से परंपरागत रूप से व्यापार कर रहे हैं तथा नियमित रूप से करों का भुगतान कर जनपद की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद हाल के दिनों में नो-एंट्री व्यवस्था के कारण व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी मण्डियां मुख्य मार्ग से अंदर स्थित हैं, जहां माल की लोडिंग-अनलोडिंग से यातायात प्रभावित नहीं होता।
पूर्व में व्यापारी प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे तक अपने मालवाहक वाहनों को शहर से बाहर कर देते थे, जिससे कोई समस्या उत्पन्न नहीं होती थी। इसलिए उन्हें कम से कम प्रातः 9:30 बजे तक मालवाहक वाहन निकालने की अनुमति प्रदान की जाए।व्यापारियों ने यह भी मांग की कि व्यापार बंधु एवं उद्योग बंधु की बैठकों में केवल वास्तविक एवं सक्रिय व्यापारी तथा उद्यमियों को ही शामिल किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोग, जिनका व्यापार अथवा उद्योग से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, इन बैठकों में भाग लेकर व्यापारी हितों के विपरीत सुझाव प्रस्तुत करते हैं। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ व्यापारी नेता अनूप श्रीवास्तव, गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, संरक्षक शंकर लाल कैलाशी, महामंत्री अनिल साईं, किराना व्यापार मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण मोदनवाल, महामंत्री गजानंद मोदनवाल, दानिश एजाज, राजेंद्र कसौधन, संदीप कसौधन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
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