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10 साल में भी नहीं पूरा हुआ लखनऊ-वाराणसी फोरलेन

अनुरूद्ध चौरसिया,सुलतानपुर केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखनऊ-वाराणसी फोरलेन परियोजना ढाई साल के बजाए 10...

10 साल में भी नहीं पूरा हुआ लखनऊ-वाराणसी फोरलेन
हिन्दुस्तान टीम,सुल्तानपुरSat, 15 Jun 2024 05:55 PM
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अनुरूद्ध चौरसिया,सुलतानपुर

केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी लखनऊ-वाराणसी फोरलेन परियोजना ढाई साल के बजाए 10 साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। जबकि परियोजना को पूरा कराने के लिए 3800 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित की गई थी। एनएचएआई के जिम्मेदार परियोजना को पूरा कराने के लिए 10 बार समय बढ़वा चुके हैं। इसके बाद भी हनुमानगंज-गोपालपुर बाईपास का ओवरब्रिज निर्माण अधूरा होने के कारण परियोजना अभी तक अधर में लटकी हुई है।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई )ने लखनऊ-सुलतानपुर-वाराणसी हाईवे को फोरलेन में तब्दील करने की योजना बनाई थी। इस वर्ष एनएचएआई ने परियेाजना का प्रस्ताव केन्द्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा। एनएचएआई से मंत्रालय ने परियोजना का इस्टीमेट व डीपीआर मांग लिया। परियोजना के डीपीआर व इस्टीमेट को वित्तीय वर्ष 2014-15 में केन्द्र सरकार ने भूतल परिवहन मंत्रालय ने परियोजना को स्वीकृति दे दी। परियोजना को पूरा करने के लिए 300 किमी दूरी के लखनऊ वाराणसी हाईवे को फोरलेन 3800 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित की गई। इसमें फारलेन में आने वाली किसानों की भूमि के मुआवजे को भी शामिल किया गया। परियोजना को निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 30 महीने 31 दिसम्बर वर्ष 2017 निर्धारित किया गया। एनएचएआई ने परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ-सुलतानपुर व वाराणसी-सुलतानपुर दो भागों में बांटकर परियोजना को पूरा करने के लिए टेंडर कराया गया। परियोजना को पूरा कराने के लिए लखनऊ-सुलतानपुर को एनएचएआई की देखरेख में एक कांस्ट्रक्शन कम्पनी को जिम्मेदारी दी गई। सुलतानपुर-वाराणसी हाईवे परियोजना करीब 165 किमी दूरी को पूरा करने के लिए गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई। परियोजना को पूरा कराने वाली कांस्ट्रक्शन कम्पनी ने निर्धारित समय से तीन महीने पहले 31 दिसम्बर वर्ष 2017 को ही पूरा कर दिया। फोरलेन के दोनों भागों को पूरा करने के लिए 30 महीने का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन इसके बाद भी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सुलतानपुर-वाराणसी परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 10 वर्ष से अधिक का समय बिता दिया। सुलतानपुर-वाराणसी फोरलेन पर स्थित हनुमानगंज-दोमुहा बाइपास पर स्थित गोपालपुर-हनुमागंज रेलवे ओवरब्रिज निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।

परियोजना को पूरा करने के लिए एनएचएआई ने कई बार बढ़वाया समय:

लखनऊ-वाराणसी हाईवे फोरलेन परियोजना के भाग वाराणसी-सुलतानपुर फोरलेन परियेाजना को पूरा कराने के लिए एनएचएआई ने कांस्ट्रक्शन कम्पनी का बचाव करते हुए करीब 10 बार समय बढ़वाया। 30 जून 2024 अंतिम गाइड लाइन निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए समय दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी अभी भी ओवरब्रिज निर्माण अधूरा होने से परियोजना अधर में लटकी हुई है।

ओवरब्रिज के अभाव में हाईवे की पखरौली रेलवे क्रासिंग पर लगाता है जाम :

फोरलेन परियोजना में शामिल भदैंया ब्लाक के पखरौली रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर स्थित गोपालपुर रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज निर्माण करीब एक साल से अधिक समय से अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। जिसके कारण फोरलेन से प्रतिदिन आने-जाने वाले लाखों की संख्या में वाहनों को दोमुहा व पखरौली रेलवे क्रासिंग के रास्ते निकाला जा रहा है। इससे क्रासिंग बंद होने पर प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर लम्बा जाम लग जाता है।

कोट

वाराणसी-सुलतानपुर फोरलेन परियोजना को पूरा कराने के लिए गोपालपुर ओवरब्रिज पर निर्माण कार्य चल रहा है। अगस्त माह 2024 को परियेाजना को हर हाल में पूरा करा लिया जाएगा। गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड को ब्लैक लिस्ट कर उसके बजाए दूसरी कांस्ट्रक्शन कम्पनी से कार्य कराया जा रहा है।

आरएस यादव

परियोजना निदेशक

एनएचएआई वाराणसी

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