धूप निकलते ही कटी फसल समेटने में जुटे किसान

धूप निकलते ही कटी फसल समेटने में जुटे किसान

संक्षेप:

Sultanpur News - कूरेभार में लगातार बारिश के बाद रविवार को धूप निकलने से किसानों में खुशी लौट आई। बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था, लेकिन धूप ने किसानों को फसल सुखाने और बचाने की उम्मीद दी। कई किसानों ने मेहनत से कटी फसलों को समेटने में जुटे रहे, ताकि कुछ उत्पादन बचाया जा सके।

Nov 02, 2025 06:54 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सुल्तानपुर
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कूरेभार, संवाददाता। लगातार कई दिनों तक हुई रिमझिम बारिश के बाद रविवार को आखिरकार मौसम ने करवट बदली और आसमान से बादल छंटते ही खिली धूप ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। बारिश से जहां खेतों में कटी धान की फसलें भीगकर सड़ने लगी थीं, वहीं रविवार को निकली धूप ने किसानों को उम्मीद की नई किरण दी। बीते पांच दिनों से जारी रिमझिम बरसात के चलते विकास खंड कूरेभार के फूलपुर, भटवारा, सेदखानपुर, मुजेश इरुल, हरिनाम, बरौला समेत कई गांवों में सैकड़ों किसानों की कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी रह गई थी। बारिश बंद न होने से किसान चिंता में थे कि मेहनत की पूरी फसल बर्बाद न हो जाए।

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रविवार की सुबह जैसे ही धूप निकली, किसानों ने राहत की सांस ली और तेजी से खेतों की ओर रुख किया। धान की भीगी फसलों को सुखाने और खलिहानों में पहुंचाने की कवायद दिनभर जारी रही। किसान परिवार के छोटे-बड़े सभी सदस्य मिलकर कटी फसलों को समेटने में जुटे रहे।ह रिनाम गांव के किसान अनिल वर्मा ने बताया कि “करीब 20 हजार रुपए की लागत से 7 बीघा धान की रोपाई की थी। फसल अच्छी हुई, लेकिन कटते ही बारिश हो गई, जिससे धान भीगकर अंकुरित होने लगी है। अब धूप निकली है तो किसी तरह फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”बरौला निवासी लल्लन यादव ने बताया कि “फसल अच्छी थी, पर भीगने के कारण उत्पादन पर असर पड़ेगा। अब उम्मीद बस इतनी है कि कुछ बची हुई फसल सूख जाए ताकि थोड़ा नुकसान कम हो सके।” दर्जनों किसानों ने यही स्थिति बताई कि बारिश ने फसल का बड़ा नुकसान किया है। फिर भी धूप निकलते ही हर कोई उम्मीद और परिश्रम के सहारे खेतों में जुटा हुआ है।