सुलतानपुर-कठिन परिस्थिती में सहयोग और संयम से मिलती है सफलता : आचार्य विनोद
Sultanpur News - गोसाईगंज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य विनोद पांडेय ने समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष और प्रह्लाद चरित्र के महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जीवन में अमृत पाने के लिए संघर्ष और धैर्य जरूरी है। श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान की पुकार पर वे रक्षा के लिए आते हैं।

गोसाईगंज, संवाददाता। पांडेयपुर अठैसी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को अयोध्या के आचार्य विनोद पांडेय महाराज ने समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष और प्रह्लाद चरित्र जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके ओजस्वी वाणी और सरल व्याख्या ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। आचार्य ने समुद्र मंथन प्रसंग के माध्यम से बताया कि जीवन में अमृत प्राप्त करने के लिए संघर्ष और धैर्य आवश्यक है। देव और दानवों के संयुक्त प्रयास से निकले अमृत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सहयोग और संयम से ही सफलता मिलती है। इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का वर्णन करते हुए उन्होंने भगवान की कृपा और सच्ची भक्ति की महिमा बताई।
उन्होंने कहा कि जब जीव पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान को पुकारता है, तब भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। प्रह्लाद चरित्र के प्रसंग में आचार्य ने अटूट भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी जो व्यक्ति भगवान के प्रति अडिग विश्वास रखता है, उसे अंततः विजय प्राप्त होती है। मुख्य यजमान श्री देवी प्रसाद पाण्डेय एवं श्रीमती सुशीला देवी ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह, दयाशंकर पाठक, संजय पांडेय, सुरेश, प्रवेश, मनोज, राम सुभावन सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
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