Sultanpur News: परियोजना निदेशक ने डीएम के माध्यम से शासन को सौंपा सशर्त इस्तीफा
Sultanpur News: सुलतानपुर। परियोजना निदेशक ने कर्मचारियों के साथ विवाद और डांस वीडियो वायरल होने पर डीएम के माध्यम से इस्तीफा भेज दिया। विवाद के बीच, निदेशक ने कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए सशर्त इस्तीफा दिया। जांच के लिए टीम गठित की गई है। कार्य की कमी भी मुख्य मुद्दा है।

Sultanpur News: सुलतानपुर। जिले के परियोजना निदेशक ने कर्मचारियों को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के साथ डांस का वीडियो वायरल होने पर गुरुवार को डीएम के माध्यम से शासन को अपना त्यागपत्र भेज दिया। बताते चले परियोजतना निदेशक के कार्यालय में तैनात दो कर्मचारियों से पीडी अशोक कुमार सिंह की नहीं बन रही थी। पीडी और कर्मचारियों के बीच काफी समय से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा था। इसबीच बुधवार को परियोजना निदेश के डांस का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद गुरुवार को उनके इस्तीफा का सशर्त पत्र वायरल हुआ। इस्तीफा के पत्र में परियोजना निदेशक ने कर्मियों व अधिकारियों को भी आरोपित किया है。
कार्यालय के कार्य
परियोजना निदेशक कार्यालय से विधायक व सांसद निधि के साथ गरीबों के आवास योजना का संचालन होता है। बीते दिनों विभागीय कर्मियों के सेवानिवृत होने के चलते कार्यालय में कर्मचारियों की कमी हो गई थी। इससे काम प्रभावित होने लगा था,इस पर अन्य कार्यालय के कर्मियों को पीडी कार्यालय में समबद्ध किया गया है।
वाद विवाद और जांच
परियोजना निदेशक की ओर से दोनों कर्मियों की ओर से दोनों कर्मियों को कार्यालय से हटाने व प्राथमिकी दर्ज कराने का पत्र अधिकारियों को भेजा था। इसके बाद कर्मियों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर पीडी पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। कर्मियों ने परियोजना निदेशक के डांस का वीडियों की जानकारी होने पर डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। इसबीच बुधवार को परियोजना निदेशक के डांस का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद परियोजना निदेशक एके सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सशर्त इस्तीफा देने की बात कही गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि शासनादेश के अनुसार किसी लिपिकों को एक पटल पर तीन साल से अधिक नहीं रखना चाहिए, लेकिन कुछ उच्चाधिकारियों की कृपा से पांच वर्ष का समय बीतने के बाद भी ये कर्मचारी जमे है। यही नहीं इंदिरा आवास योजना बंद होने के बाद भी योजना का खाता इन कर्मचारियों की लारवाही से अभी तक संचालत हो रहा। इसमें 72 लाख रुपए मौजूद है। योजना का पैसा योजना बंद होने के बाद भी खाते में रहना गंभीर अनियिमितता की श्रेणी में आता है। पीडी ने कहा है कि दोनों कर्मियों को नियमानुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया तो कर्मियों की ओर से डीएम को बयान दिया गया। डीएम की ओर से जांच के लिए गठित कमेटी पर उन्हें सूचित नही करने का आरोप लगाया है。


