मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र में चल रही सीएचसी, नहीं है अपना भवन
Sultanpur News - कुड़वार सीएचसी को दो दशक से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। मरीजों को जिला मुख्यालय रेफर किया जा रहा है। पुरानी बिल्डिंग निष्प्रयोज्य हो गई है और नए भवन का निर्माण भी नहीं हो पाया है।

कुड़वार, संवाददाता। स्थानीय सीएचसी को दर्जा पाए लगभग दो दशक बीत रहे हैं, लेकिन अस्पताल मूलभूत सुविधाओं से अभी भी पूर्ण नहीं हो पाया है। चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्वीपर, वार्ड ब्वाय तैनाती के सापेक्ष नहीं हैं। फिजिशियन, बालरोग विशेषज्ञ और सर्जन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को जिला मुख्यालय का सफर करना पड़ता है। उधार के भवन महिला विंग में अस्पताल चल रहा है। 'हिन्दुस्तान' टीम शनिवार को सुबह 10.30 सीएचसी कुड़वार की पड़ताल कर हकीकत की जानकारी ली। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ वेदांत, डा.अजीत मौर्या और डा.कंचनलता अपने अपने कक्ष में मरीज देखते मिले। पड़ताल में पता चला कि सीएचसी पर चिकित्सक के सात पद सृजित हैं] लेकिन मौके पर स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ वेदांत, डा.मनीष यादव, डा.कंचनलता और डा.अजीत मौर्या, दंत लोग विशेषज्ञ डा.अपूर्वा, नेत्र परीक्षण अधिकारी बालमुकुंद की तैनाती की गयी है।
फिजीशियन, बालरोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और शल्य चिकित्सक की तैनाती नहीं है। जिससे गर्भवती महिलाओं की आपरेशन डिलीवरी और नवजात शिशुओं, बच्चों को गंभीर अवस्था में जिला मुख्यालय रेफर किया जाता है। अस्पताल पर महीने में 150से अधिक डिलीवरी करवायी जाती है। फार्मासिस्ट के चार पद सृजित हैं, लेकिन चीफ फार्मासिस्ट सहित दो की तैनाती है। स्वीपर चार की जगह एक ही है। वार्ड ब्वाय भी तैनाती के सापेक्ष नहीं हैं। एक्स-रे टेक्नीशियन में हरिकेश चौहान और मो.शादाब की तीन तीन दिन तैनाती की गयी है। अस्पताल पर डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था तो हो गयी है, लेकिन अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था अस्पताल पर नहीं है। जिससे मरीजों को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है। पैथोलॉजी में तैनात लैब टेक्नीशियन सुशील ने बताया कि मरीजों के खून , पेशाब का नमूना लेकर उपलब्ध जांच की जाती है। इनसेट पुरानी बिल्डिंग निष्प्रयोज्य हो चुकी है कुड़वार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दो दशक से अधिक समय अस्तित्व में आए हो गया लेकिन आज तक सीएचसी को महिला विंग में संचालित किया जा रहा है। पुरानी बिल्डिंग निष्प्रयोज्य हो चुकी है, लेकिन आज ध्वस्त करने की विभागीय कार्यवाही नहीं हो पायी है। पुरानी बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण नहीं होने से नया भवन निर्माण की जगह परिसर में नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुड़वार परिसर में जिले भर की खराब दो-चार एम्बुलेंस नहीं पच्चास से अधिक को खड़ा कर दिया गया है। कोट जितनी तैनाती है उसी में व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जो मरीजों को दिया जा रहा है। एक्स-रे मशीन चालू हो गयी है। जिससे मरीजों को निशुल्क लाभ मिल रहा है। डा.वेदान्त स्वास्थ्य अधीक्षक

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