हड़ताल पर वकील, तहसील का कामकाज बाधित
Sultanpur News - अमेठी में अधिवक्ता एसडीएम के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने महापंचायत में एसडीएम को हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया है। डीएम ने जांच कमेटी गठित की है, लेकिन रिपोर्ट अभी नहीं आई है। हड़ताल के चलते मुसाफिरखाना तहसील का काम प्रभावित हो रहा है। अधिवक्ताओं को चार जिलों का समर्थन मिल रहा है।

अमेठी। मुसाफिरखाना में एसडीएम को लेकर अधिवक्ता लगातार आंदोलनरत हैं। अधिवक्ताओं ने एक दिन पहले महापंचायत कर एसडीएम को हटाने के लिए अल्टीमेटम भी दिया है। लेकिन उनके आंदोलन का फिलहाल परिणाम निकलता नहीं दिख रहा है। अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर डीएम द्वारा एक जांच कमेटी गठित की गई है। सीडीओ की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं दाखिल की है। दूसरी ओर एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत एसडीएम सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बनाए गए हैं। जब तक पूरी प्रक्रिया संपन्न नहीं हो जाती है तब तक निर्वाचन से जुड़े किसी भी अफ़सर का तबादला सामान्य परिस्थितियों में नहीं होता है।
ऐसे में अधिवक्ताओं की मांग में यह भी एक बड़ा मसला सामने आ रहा है। हड़ताल के चलते लगातार मुसाफिरखाना तहसील का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। पिछले 27 दिसंबर से अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी है। इस दौरान मुसाफिरखाना तहसील के साथ ही जिले की अन्य तहसीलों में भी न्यायिक कार्य बाधित हो रहे हैं। गुरुवार की महापंचायत में अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया था कि यदि एसडीएम को जल्द नहीं हटाया जाता तो अधिवक्ता मुख्यमंत्री तक कूच करेंगे। मुसाफिरखाना के अधिवक्ताओं को चार जिलों के अधिवक्ताओं का समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दल भी उनके समर्थन में आए हैं। डीएम संजय चौहान ने बताया कि मामलों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों को इस कमेटी ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। अभी एसआईआर प्रक्रिया चल रही है। एसडीएम उसमें सहायक निर्वाचन अधिकारी हैं।

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