
कभी दूसरों के खेतों में करते थे मजदूरी, आज 70 लाख का है टर्नओवर; युवा किसान ने खेती को बनाया 'सोना'
बाराबंकी के सतीनपुरवा निवासी मोहम्मद सलमान ने मुफलिसी के दौर को पीछे छोड़ आधुनिक खेती के जरिए सफलता की नई इबारत लिखी है। 2 एकड़ से शुरुआत कर आज वह 29 एकड़ में खेती कर रहे हैं और सालाना 70 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और मेहनत में ईमानदारी, तो मिट्टी भी सोना उगलने लगती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है बाराबंकी जिले के सतीनपुरवा गांव के रहने वाले युवा किसान मोहम्मद सलमान ने। कभी मुफलिसी के बीच परिवार का पेट पालने के लिए दूसरों के खेतों में पसीना बहाने वाले सलमान आज खुद 25 से 30 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
सलमान के परिवार में 14 सदस्य हैं। विरासत में उन्हें दो एकड़ खेत मिले थे। पारंपरिक ढंग से धान और गेहूं की खेती से मुश्किल से घर का खर्च, दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो पाती थीं। हालात इतने तंग थे कि अतिरिक्त पैसों के लिए सलमान को दूसरों के खेतों में मजदूरी तक करनी पड़ती थी। लेकिन, उनके मन में कुछ बड़ा करने की तड़प हमेशा बरकरार रही।
2016 में बदली सोच और बदला तरीका
साल 2016 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सलमान ने तय किया कि वह पारंपरिक खेती के ढर्रे को बदलेंगे। उन्होंने वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धति को अपनाते हुए सहफसली खेती (इंटरक्रॉपिंग) शुरू की। उन्होंने अपने खेतों में अमरूद, टमाटर, पपीता, खरबूजा, तरबूज, खीरा और 'ग्लोरियस' जैसी नकदी फसलों की शुरुआत की। शुरुआती दौर में चुनौतियां आईं और मुनाफा कम रहा, लेकिन सलमान ने हिम्मत नहीं हारी।
29 एकड़ में फैला 'खेती का साम्राज्य'
वक्त के साथ सलमान के अनुभव बढ़े और उनके मुनाफे ने खेती का दायरा भी बढ़ा दिया। आज वह अपनी 29 एकड़ जमीन पर आधुनिक खेती कर रहे हैं। सलमान ने अमरूद और पपीते के साथ-साथ पौधों की नर्सरी का काम भी बड़े स्तर पर शुरू किया है। उनकी तैयार की गई नर्सरी की डिमांड इतनी है कि दर्जनों जिलों के किसान सीजन आने से पहले ही एडवांस बुकिंग करा लेते हैं।
70 लाख का टर्नओवर
जो सलमान कभी मजदूरी करते थे, आज उनके खेत और नर्सरी में 25 से 30 मजदूर रोजाना काम करते हैं। 70 लाख का टर्नओवर है। आज सलमान की मेहनत का नतीजा उनके बैंक बैलेंस और लाइफस्टाइल में साफ दिखता है। उनका कहना है, 'मेरा सालाना टर्नओवर अब 70 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस कमाई से मैं हर साल करीब एक एकड़ जमीन खरीदता हूं। मैंने नया घर बनवाया, ट्रैक्टर और चार पहिया गाड़ी खरीदी और अपने भाई को सोने-चांदी की दुकान भी खुलवा दी है।'
युवा किसानों को सलाह: प्रयोग करने से न डरें
सलमान की सफलता को देखकर आसपास के सैकड़ों किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सलमान का कहना है कि किसानों को नए प्रयोग करने से हिचकना नहीं चाहिए। अगर तकनीक और बाजार की मांग को समझकर खेती की जाए, तो यह दुनिया का सबसे बेहतरीन और लाभदायक व्यवसाय साबित हो सकता है।





