नीट का पेपर लीक होने के तनाव में छात्र ने लगाई फांसी, कमरे में लटका मिला शव
लखीमपुर खीरी में नीट का पेपर निरस्त होने के तनाव में छात्र ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र ने इस साल तीसरी बार नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा रद होने की वजह से वह काफी परेशान था।

Lakhimpur Kheri News: यूपी के लखीमपुर खीरी में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। नीट का पेपर निरस्त होने के तनाव में छात्र ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र ने इस साल तीसरी बार नीट की परीक्षा दी थी। परीक्षा रद होने की वजह से वह काफी परेशान था। बुधवार की शाम को अपने गांव से लखीमपुर स्थित घर आ गया। इसके बाद परिजनों से उसने कोई बात नहीं की। गुरुवार की दोपहर उसका शव घर के कमरे में लटका मिला।
ईसानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली के रहने वाले अनूप मिश्रा का 20 वर्षीय बेटा ऋतिक कई सालों से नीट की तैयारी कर रहा था। इसी साल उसने तीसरी बार नीट की परीक्षा दी थी। अनूप ने बताया कि ऋतिक कहता था कि इस बार उसका पेपर अच्छा हुआ है। इस बीच नीट का पेपर लीक होने की सूचना मिली। जिससे वह परेशान था। पेपर लीक होने की बात उसे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। पिता ने बताया कि बुधवार को वह गांव से शहर वाले घर पर आ गया था। काफी देर तक जब ऋतिक ने दरवाजा नहीं खोला तो रिश्तेदारों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने सूचना देकर पुलिस को बुला लिया।
दरवाजा तोड़कर पुलिस ने निकाला शव
पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ऋतिक को आवाज दी, अंदर से कोई आहट नहीं मिलने पर दरवाजा को तोड़ दिया गया। अंदर का नजारा देखकर परिजनों में चीख-पुकार शुरू हो गई। घर के अंदर ऋतिक का शव लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


