सांप के डसने से छात्र की गई जान, जिंदगी की आस में सात घंटे तक पानी में रखा शव, फिर मची चीख-पुकार
अमरोहा में सांप के डसने से एक छात्र की मौत हो गई। लेकिन परिवार वालों को उसके जिंदा होने की आस थी। इसके चलते छात्र के शव को बहते पानी में सात घंटे तक रखा, लेकिन उसकी सांसें नहीं लौटीं।

Amroha News: यूपी के कई क्षेत्रों में आज भी लोग जहरीले जीव-जन्तुओं के काटने के बाद डॉक्टरों के पास न जाकर वह झाड़फूक करवाने लगते हैं। कुछ जगहों पर तो सांप के काटने से हुई मौत के बाद उसे जिंदा करने के लिए तंत्रमंत्र के चक्कर में पड़ जाते हैं। अमरोहा जिले से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। दरअसल रहरा गांव में कक्षा सात का छात्र भूसा निकालने के लिए गया था, इसी दौरान उसे एक सांप ने डंस लिया। परिजनों की नजर पड़ी तो वह सीधे छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिजनों और ग्रामीणों को यकीन था कि छात्र जिंदा हो जाएगा। जिंदगी की आस में परिजनों ने छात्र को गंगा के बहते पानी में करीब सात घंटे तक रखा। इसके बाद उसे झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक के पास ले गए। इसके बाद भी छात्र की सांसें नहीं लौटी तों परिजनों में कोहराम मच गया। घर वाले दहाड़े मारकर रोने लगे।
जानकारी के मुताबिक थाना आदमपुर क्षेत्र के गांव पीतमपुर निवासी जयराम सिंह का 14 वर्षीय पुत्र सुरजीत गुरुवार शाम गांव से 500 मीटर दूर खेत पर बोंगे से भूसा निकालने गया था। इस दौरान अचानक उसे सांप ने डस लिया। चीख पुकार पर पहुंचे परिजनों को जानकारी हुई तो आनन फानन में क्षेत्र के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन देरी होने के कारण छात्र की मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
कक्षा सात में पढ़ रहा था छात्र
परिजन छात्र के शव को गांव लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों के सुझाव पर सुरजीत को बांस के सहारे गंगा के जल में रख दिया गया। सिर्फ मुंह पानी से बाहर रखा गया। करीब सात घंटे तक सुरजीत को पानी में रखा गया। कोई नतीजा नहीं निकला तो परिजन उसे झाड़फूंक करने वाले तांत्रिक के पास ले गए। सुरजीत चार बहन भाइयों में छोटा है। वह गांव के स्कूल में कक्षा सात में पढ़ रहा है। परिजन उसकी कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर करते रहे। वहीं रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सौरभ चौधरी ने ऐसे किसी मामले की जानकारी से इनकार किया है।
मां को काटा तो डिब्बे में सांप लेकर अस्पताल पहुंचा बेटा
वहीं दूसरी ओर पीलीभीत जिले के महदिया की गंगा देवी को घर में साफ सफाई करते वक्त सांप ने डस लिया। इस पर बेटे ने देखा तो हिम्मत दिखाई और उसने सांप को डिब्बे में बंद कर लिया। यही नहीं अपनी मां के साथ डिब्बे में सांप को बंद करके लेकर पहुंचा। मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों ने देखा तो सब दंग रह गए। हालाकि सभी को सांप देख कर इलाज में मदद मिली और चिकित्सकों ने गंगा का इलाज किया। गंगा की हालत फिलहाल स्थिर है। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


