चारबाग स्टेशन पर शेड गिरने के मामले में सख्त ऐक्शन, कंपनी पर 50 लाख का जुर्माना, कई सस्पेंड
यूपी की राजधानी लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर शेड गिरने के मामले में सख्त ऐक्शन लिया गया है। कार्यदायी संस्था पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेलवे की संस्था आरएलडीए के प्रोजेक्ट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और लखनऊ डिवीज़न के इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइज़र को निलंबित कर दिया गया है।

उत्तर रेलवे के चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर शेड गिरने के मामले में रेलवे की ओर से सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में कार्यदायी संस्था पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेलवे की संस्था आरएलडीए के प्रोजेक्ट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और लखनऊ डिवीज़न के इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइज़र को निलंबित कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था के टीम लीडर को काम से हटा दिया गया है। जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
शेड गिरने की जांच के लिए दिल्ली से उत्तर रेलवे के जीएम राजेश कुमार पाण्डेय और प्रिसिंपल चीफ सेफ्टी पंकज पहुंचे। लगभग दो से तीन घंटे के दौरान दोनों ने बारीकि से जांच की। निरीक्षण के बाद जीएम ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्लेटफार्म पर पुनर्विकास का कार्य चल रहा है। रेलवे की संस्था आरएलडीए यह कार्य करवा रही है। उसने यहां पर शेड सहित अन्य कार्य ईपीसी कंपनी को ठेके पर दे रखा है। उस संस्था पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बताया कि पुनर्विकास के कार्य के कारण इस प्लेटफार्म पर सीमित संख्या में ट्रेनों की आवाजाही है। अभी तक की जांच में लग रहा है कि पुनर्विकास कार्य के दौरान क्रेन की आवाजाही का असर पड़ने से यह घटना हुई। बताया घायल दोनों यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। टीटीई का इलाज चल रहा है।
जीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई-
-घटना के कारणों की जांच के लिए हेडक्वार्टर से तीन वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी गठित
- इस नुकसान के लिए ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना
- पीएमसी के टीम लीडर (अथॉरिटी इंजीनियर) को हटाया
-आरएलडीए के प्रोजेक्ट इंजीनियर निलंबित
-लखनऊ डिवीज़न के इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइज़र निलंबित
-आरएलडीए के एक असिस्टेंट इंजीनियर निलंबित
प्लेटफार्म का शेड गिरा, टीटीई सहित दो यात्री दबे, गंभीर रूप से घायल
उत्तर रेलवे के चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर शुक्रवार की सुबह 8.15 बजे शेड अचानक भरभरा कर गिर गया। उसकी चपेट में आकर एक टीटीई और दो यात्री दब गए। आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने तीनों को निकाल कर अस्पताल भिजवाया। टीटीई के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गए हैं। कोलकाता से देहरादून जाने वाली ट्रेन नंबर 13037 कुंभ एक्सप्रेस सुबह प्लेटफार्म नंबर पांच पर आने वाली थी। यात्री इंतजार में प्लेटफार्म पर थे। लगभग 08 से 8.15 बजे के बीच प्लेटफार्म के शेड का 70 फिट लंबा और 30 फिट चौड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर गिरा। इसकी चपेट में आकर प्लेटफार्म पर खड़े टीटीई भूपेंद्र सिंह सहित यात्री अखिलेश और साहिल दब गए। उनके पैर शेड के एक हिस्से में फंस गए। घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी की टीम सहित स्टेशन के अधिकारी भी पहुंचे। तीनों को किसी तरह निकाल कर आलमबाग स्थित निजी अस्पताल भिजवाया गया। डीआरएम सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। स्टेशन पहुंच कर घायलों का हाल लिया। आरपीएफ ने घटनास्थल को सीज कर दिया है।
टीटीई को गंभीर चोटें आईं-
शेड की चपेट में आने से टीटीई भूपेंद्र सिंह के दोनों और अभिषेक व साहिल के एक-एक पैर में फ्रैक्चर हो गया है। अस्पताल पहुंचे अभिषेक के पिता नरेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा चार दोस्तों के साथ हरिद्वार जा रहा था। शेड गिरने से उसे और दोस्त साहिल के पैर में फ्रैक्चर हो गया। इलाज का खर्चा डीआरएम ने उठाने का आश्वासन दिया।
नवीनीकरण के कारण शेड की अनदेखी की गई
स्टेशन पर कांकोर्स निर्माण का काम चल रहा है। जिसके लिए प्लेटफार्म चार-पांच के कुछ हिस्सों और शेड को हटाया गया है। बताते हैं कि जो शेड गिरा उसे भी हटाया जाना था। इसलिए उसकी मरम्मत और नियमित देखभाल पर कार्यदायी संस्था और स्टेशन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। शेड के किनारों पर लगे लोहे में जंग लग गया था, जिससे वह गिर गया।
ट्रेन को आउटर पर रोका गया
शेड ज़ब गिरा तो कुंभ एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर आने वाली थी। घटना के बाद ट्रेन को प्लेटफार्म के आउटर पर रोका गया। स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन 1.44 घंटा की देरी से 8.58 बजे पहुंची। बताते हैं कि शेड गिरने से कुछ ही देर पहले इंटरसिटी वहां से रवाना हुई थी। उस समय काफी यात्री प्लेटफार्म पर थे। यदि उस समय घटना होती हो ज्यादा नुकसान होता।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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