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जीरो टॉलरेंस जीरो हो गया, अखिलेश यादव बोले- सरकार क्राइम नहीं न्यूज कंट्रोल कर रही है

यूपी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सरकार पर कई हमले किए। पीडीए और किसानों को लेकर योगी सरकार को घेरने की कोेशिश की।

जीरो टॉलरेंस जीरो हो गया, अखिलेश यादव बोले- सरकार क्राइम नहीं न्यूज कंट्रोल कर रही है
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊWed, 07 Feb 2024 04:34 PM
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विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरने की कोशिश की। क्राइम, बेरोजगारी, पीडीए, किसानों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। एक घंटे से ज्यादा समय तक अखिलेश यादव में सदन में अपना संबोधन किया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि यह सरकार न्यूज कंट्रोल करती है। अपराध कंट्रोल नहीं कर रही है। इसी का परिणाम है कि लॉ एंड ऑर्डर में लॉ अलग चल रहा है। ऑर्डर अलग चल रहा है। जहां भाजपा सरकार के नेता शामिल है, वहां क्या हो रहा है? अखिलेश ने कहा कि इतना करप्शन, इतनी लूट कभी नहीं हुई होगी। जीरो टॉलरेंस जीरो हो गया। किसी भी सदस्य से पूछ लीजिए। सरकार कह रही है कि जाने कितने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना दिए हैं। आजमगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, कुशीनगर... ये सारे समाजवादियों के बनाए हुए हैं।

अखिलेश ने कहा कि जो सरकार, एक बिलियन असत्य बातें कहने के बाद भी एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी तक नहीं पहुंच सकी है। सरकारी आंकड़ों में बताया गया है कि यूपी कहां-कहां नंबर 1 हो गई है। जबकि सच्चाई है कि सबसे अधिक कार्यवाहक डीजीपी बनाने में यूपी नंबर 1 है। छुट्टा पशुओं से दुर्घटना, झूठे प्रचार करने में नंबर 1, महिलाओं के खिलाफ अपराधियों को बचाने में यूपी नंबर 1, दलित का हक मारने में नंबर 1, अपनो को नौकरी में नंबर 1, भू माफियाओं को संरक्षण देने में नंबर 1 पर है।

अखिलेश ने कहा कि आप कहते हैं कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म नहीं होते। बदमाश अगले चौराहे पर मार दिए जाते हैं। बीएचयू में देखिए क्या हुआ? जो पकड़े वह सभी बीजेपी आईटी सेल के मेंबर है। मुझे याद है कि कानपुर में एक मां-बेटी पर बुलडोजर चलाया। उन्हें जिंदा जला दिया गया। जब बेटा न्याय मांगने गया तो उसके कपड़े उतरवा दिए गए।

अखिलेश ने कहा कि यूपी में जब से बीजेपी सरकार बनी तब से नया आईआईटी नहीं आया। न ही आईआईएम बना। सरकार पेड़ों को लगाने की बहुत बड़ी गिनती बताती है। अगर अध्यक्ष महोदय जोड़े तो 100 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगा दिए गए होंगे इतनी जमीन नहीं है। जितने पेड़ लगा दिए गए हैं। 1000 एकड़ में 123000 पेड़ लगाते हैं तो बताइए की एक करोड़ पेड़ों के लिए कितनी एकड़ जमीन लगेगी? एक लायन सफारी इन्होंने बनाई है। वहां इतनी देखभाल हो रही है कि 16 जानवर वहां मर चुके हैं।

पीडीए के लिए क्या है?
अखिलेश यादव ने बजट को लेकर सरकार से पूछा कि विश्वविद्यालयों में पीडीए के लिए क्या है? वहां जॉब में पीडीए कहां है? महिला आयोग में पीडीए कितना है। यूपी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पीडीए कहां है। फिर पीडीए जाएगा कहां? भर्तियों में पीडीए सिर्फ 3 प्रतिशत है। फिर पीडीए जाएगा कहां? सरकार विश्वविद्यालय के बारे में बता रही है की ए प्लस मिला है।

सरकार यह बताए कि उसमें पीडीए को कुछ मिल रहा है कि नहीं। इन यूनिवर्सिटी में पीडीए के लिए क्या है। अखिलेश ने कहा कि सरकार कहती है सबका साथ। सबका विकास। लेकिन सबका विकास सरकार नहीं चाहती है। सबको साथ लाने के लिए सामाजिक न्याय के रास्ते पर चलना होगा, जोकि बिना जातीय जनगणना के संभव नहीं है। अगर सबका साथ है, तो पीडीए के साथ भेदभाव क्यों।

हमने किसानों को चार गुना मुआवजा दिया
अखिलेश ने कहा कि यूपी में जो एयरपोर्ट बन रहे हैं उन जमीन का भुगतान मार्केट वैल्यू के हिसाब से किसानों को नहीं दिया जा रहा है। सपा शासन में जो प्रोजेक्ट लगे उसमें 4 गुना मुआवजा दिया गया। आप किसानों को मुआवजा क्यों नहीं दे रहे हैं। चित्रकूट में कॉरिडोर की जमीन ली जा रही है। वह पुराने रेट पर ली जा रही है। सरकार उनको सही मुआवजा क्यों नहीं दे रही है। 500 हेक्टेयर जमीन आप लेना चाहते हैं, क्या सर्किट रेट बढ़ाकर मुआवजा नहीं देना चाहिए।

अखिलेश ने कहा कि सबसे ज्यादा लोकसभा सांसद यूपी से हैं। उसी वजह से देश में प्रधानमंत्री बनते हैं। तो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं आ रही हैं। आपके प्रदेश को छोड़कर दूसरे प्रदेश में क्यों जा रही है। जो उद्यमी यहां आए, वहीं वहां भी गए। उन्होंने वहां को प्राथमिकता दी।

सरकार बताए कितनों को नौकरी मिली
सरकार ड्रीम डेस्टिनेशन कह रही है। कहीं ये ड्रीम तो नहीं है। 40 लाख करोड़ के एमओयू हुए हैं, तो 1 करोड़ लोगों को रोजगार की बात कही जा रही है। क्योंकि, इसमें संविधान का पालन करना पड़ेगा। इसलिए सरकार नौकरी की नहीं, रोजगार की बात कह रही है। सरकार बताए कि सच्चाई में कितना निवेश आया है। इससे कितनों को नौकरी मिली है।

सरकार कम से कम अपना फॉर्मूला बताए जिससे किसानों की आय देागुनी हो जाएगी। उनके बच्चों की सेना में नौकरी छीन ली गई है। आज परिवार की चिंता की वजह से किसान आधा रह गया है। किसान सम्मान निधि में किसानों की संख्या घटाई जा रही है। किसानों को सरकार ने धोखा देने का काम किया।

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