
अमेठी में घर पर टांगा बोर्ड- 'समुदाय विशेष से जान-माल को खतरा, मेरा घर बिकाऊ है'
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के सैदापुर गांव में संप्रदाय विशेष के दबंगों से पीड़ित परिवार ने न सिर्फ अपने मकान पर यह मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया बल्कि फेसबुक पोस्ट डालकर डर की बात कहते हुए मकान बेचकर...
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के सैदापुर गांव में संप्रदाय विशेष के दबंगों से पीड़ित परिवार ने न सिर्फ अपने मकान पर यह मकान बिकाऊ है का बोर्ड लगा दिया बल्कि फेसबुक पोस्ट डालकर डर की बात कहते हुए मकान बेचकर कहीं और चले जाने की बात कही। उधर, मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने युवक का पक्ष जानने के बजाय उसे ही धमका कर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दे डाली। अब मामले की जांच डीएम ने एडीएम को सौंपी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेठी कोतवाली क्षेत्र के सैदापुर गांव में उत्कर्ष द्विवेदी के परिवार वालों से गांव के ही संप्रदाय विशेष के कुछ लोगों से मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि उन लोगों ने उत्कर्ष पक्ष के लोगों की पिटाई कर दी। जब मामले की पुलिस से शिकायत हुई तो पुलिस ने दोनों पक्षों पर शांतिभंग की कार्रवाई की।
आरोप है कि तब से दूसरे पक्ष के लोग लगातार मारने-पीटने पर अमादा रहते हैं। बीच में एक दिन पत्थरबाजी भी की, जिससे आजिज आकर उत्कर्ष द्विवेदी ने अपने घर के बाहर मकान बिकाऊ है का यह बोर्ड लगा दिया। इतना ही नहीं उसने फेसबुक पर भी मकान की फोटो लगाते हुए पोस्ट डाली, "मेरे घर पर धर्म विशेष के लोगों द्वारा पत्थरबाजी करते हुए 15 दिन हो गए, वे लोग मुझे डराने की बराबर कोशिश करते रहते हैं। हम लोग अपना घर बेचकर किसी सुरक्षित जगह जाना चाहते हैं।"
दारोगा के बिगड़े बोल
यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो कोतवाली से उत्कर्ष के नंबर पर फोन आया। वहां दारोगा ने दिलासा दिलाने के बजाए पीड़ित को ही मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दे डाली। मामले में सीओ पीयूषकांत ने कहा कि विवाद काफी पुराना है। दो परिवारों के मध्य की बात है, जिसे ऐसा रंग दिया जा रहा है। मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है। अमेठी के डीएम अरुण कुमार ने कहा कि मामले में एडीएम को जांच के लिए कहा गया है और स्थिति साफ होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।



