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उत्तर प्रदेशयोगी सरकार का बड़ा फैसला: 59 आईएएस बने 75 जिलों के नोडल अफसर, जानें क्या करेंगे काम

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,लखनऊ Published By: Amit Gupta
Sat, 15 May 2021 07:57 PM
योगी सरकार का बड़ा फैसला: 59 आईएएस बने 75 जिलों के नोडल अफसर, जानें क्या करेंगे काम

यूपी की योगी सरकार ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लिया है। एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के 59 अफसरों को 75 ज़िलों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह सभी अधिकारी एक जिलों में एक सप्ताह तक रुकेंगे। यहां वह कोरोना संक्रमण के रोकथाम और सीएचसी, पीएचसी में ऑक्सीजन के अलाव बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने का करेंगे। यह सभी जिला प्रशासन के कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे। जिलों से वापस आकर शासन को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे। 

इन सभी अधिकारियों को शनिवार को जिलों में पहुंचने और अपनी उपस्थिति की सूचना नियुक्ति विभाग तथा मुख्य सचिव कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि नामित नोडल अधिकारी एक सप्ताह तक संबंधित जिलों में प्रवास करेंगे और कोविड की रोकथाम के लिए दिए गए निर्देशों के क्रम में आवश्यक कार्यवाही करेंगे। 

नोडल अधिकारियों को मिला यह काम : 
जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए कोविड से संबंधित दिशा निर्देशों का पालन करवाना, कोविड से निपटने के लिए नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को सक्रिय बनाए रखना, निगरानी समितियों द्वारा डोर-टूर-डोर स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराना, निगरानी समितियों के पास पर्याप्त मेडिकल किट की उपलब्धता, निगरानी समितियों द्वारा संदिग्ध लोगों को किट उपलब्ध कराना, यह सूची प्रतिदिन जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाना, लक्षणयुक्त अथवा संदिग्ध व्यक्तियों के पास अलग टायलेट सहित कक्ष है कि नहीं यह दिखवाना, यदि नहीं है तो ऐसे मरीजों अथवा संदिग्धों को जिला प्रशासन के माध्यम से क्वारंटीन सेंटर भिजवाना, आईसीसीसी द्वारा होम आइसोलेशन तथा क्वारंटीन सेंटर में रह रहे व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी डाक्टरों की टीम द्वारा लिया जाना, निगरानी समिति द्वारा स्क्रीनिंग में मिले संदिग्ध व्यक्ति का आरआरटी द्वारा 24 घंटे में एंटीजन टेस्ट सुनिश्चित कराना, शहरों व गांवों में स्वच्छता तथा सेनिटाइजेशन तथा फागिंग सुनिश्चित कराने जैसे तमाम कदम नोडल अधिकारी उठाएंगे। 

कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्था की समीक्षा करेंगे
नोडल अधिकारी यह भी देखेंगे कि प्राइवेट अस्पतालों द्वारा निर्धारित दर पर ही इलाज किया जा रहा है या नहीं। वे जिलों में गठित आरआरटी टीम का पर्यवेक्षण, जिले के कोविड चिकित्सालयों में चिकित्सकों तथा चिकित्सीय सुविधाओं की उपलब्धता, मरीजों के भोजन  तथा स्वच्छता की व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे। नामित नोडल अधिकारी समस्त कार्यवाहियों की रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तथा कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को ई-मेल से भेजेंगे। 
 

किसको कहां मिली जिम्मेदारी: 

टी वेंकटेश - अयोध्या 

राजन शुक्ला - महाराजगंज

डिम्पल वर्मा - हरदोई

हेमंत राव - इटावा / औरैय्या

बीएल मीना - मुज़फ़्फ़रनगर / शामली

प्रभात सरंगी - एटा / हाथरस

सुरेश चंद्रा - बरेली

सुधीर गर्ग- प्रतापगढ़

भुवनेश कुमार - जौनपुर

बी हेकाली झिमोमी - देवरिया

 

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