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Hindi News उत्तर प्रदेशभर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों की अब खैर नहीं, सॉल्वर गैंग और पेपर लीक से निपटने के लिए योगी सरकार लाएगी नया कानून

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों की अब खैर नहीं, सॉल्वर गैंग और पेपर लीक से निपटने के लिए योगी सरकार लाएगी नया कानून

यूपी की राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए नया कानून लाने जा रही है। इसमें सॉल्वर गैंग और पेपर लीक पर कड़ाई से रोक का प्रावधान होगा। इसे लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों की अब खैर नहीं, सॉल्वर गैंग और पेपर लीक से निपटने के लिए योगी सरकार लाएगी नया कानून
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,लखनऊSat, 08 Jun 2024 10:54 PM
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राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए नया कानून लाने जा रही है। इसमें सॉल्वर गैंग और पेपर लीक पर कड़ाई से रोक का प्रावधान होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भर्ती आयोगों व बोर्ड के साथ बैठक में यह निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पेपर सेट करने की प्रक्रिया, उनकी छपाई, कोषागार तक पहुंचाने, कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने, परीक्षा केंद्र की व्यवस्था, परीक्षा के बाद ओएमआर आयोग तक पहुंचाने ओएमआर की स्कैनिंग, परिणाम तैयार करने सहित पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है। अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग एजेंसियों का उपयोग करें। एजेंसी के रिकॉर्ड की भलीभांति जांच करने के बाद ही उन्हें दायित्व दें।  

चयन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने विभागों में रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया तेज करने के लिए शासन स्तर के अधिकारियों के साथ विभिन्न चयन आयोगों के अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने चयन परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए चयन प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार पर जोर दिया, साथ ही चयन प्रक्रिया की समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोगों में प्रचलित चयन प्रक्रियाओं और भावी कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली और शासन से उनकी अपेक्षाओं के बारे में भी पूछा।

पेपर लीक स्वीकार नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक या सॉल्वर गैंग जैसी अराजक गतिविधियों को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अपराध में संलिप्त हर अपराधी के खिलाफ ऐसी कठोरतम कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने। ऐसे प्रकरणों में अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कठोर कानून लाया जाना आवश्यक है। चयन आयोगों से अपेक्षा है कि वे भर्ती परीक्षाओं के लिए कैलेंडर समय से जारी करें और कड़ाई के साथ उसका अनुपालन करें। कैलेंडर के अनुसार परीक्षा न होने से अभ्यर्थियों को असुविधा होती है, इसका ध्यान रखा जाए।

एक ही दिन में ही कराएं परीक्षा

उन्होंने कहा कि सभी चयन आयोग परस्पर समन्वय के साथ यह सुनिश्चित करें कि एक दिन में एक ही परीक्षा आयोजित की जाए। ऐसा होने से एक ओर जहां परीक्षा आयोजकों व स्थानीय प्रशासन को व्यवस्था बनाने में आसानी होगी, वहीं युवाओं को भी बड़ी सुविधा होगी। कुछ पदों के लिए शैक्षिक अर्हता निर्धारण में ‘समकक्ष योग्यता’ के संबंध में विसंगतियों की सूचना प्राप्त हुई है। संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण का समाधान कर आयोग को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

हर सेंटर पर सीसीटीवी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि चयन परीक्षाओं के सेंटर के लिए राजकीय माध्यमिक, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज या साफ-सुथरे ट्रैक रिकॉर्ड वाले ख्याति प्राप्त सुविधा संपन्न वित्त पोषित शैक्षिक संस्थान ही सेंटर बनाए जाएं। सेंटर वहीं होंगे, जहां सीसीटीवी की व्यवस्था होगी। यह भी सुनिश्चित कराएं कि परीक्षा केंद्र नगरीय क्षेत्र में ही हों। परीक्षा केंद्र निर्धारण में महिलाओं और दिव्यांगों की अपेक्षाओं का ध्यान रखा जाए। यदि एडेड कॉलेज को सेंटर बनाया जाता है तो संबंधित प्रबंधक परीक्षा व्यवस्था में कहीं से भी सम्मिलित न हो। केंद्र व्यवस्थापक के रूप में दूसरे संस्थान के प्रधानाचार्य को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। जिलाधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक को भी व्यवस्था से जोड़ें। गड़बड़ी हुई तो इनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

शिक्षा सेवा आयोग में अध्यक्ष जल्द

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक, माध्यमिक, प्राविधिक, व्यावसायिक आदि शिक्षण संस्थानों में शिक्षक चयन की प्रक्रिया में बड़ा सुधार करते हुए हाल ही में शिक्षा सेवा आयोग का गठन किया गया है। इसके सदस्य नामित किए जा चुके हैं, अध्यक्ष की नियुक्ति भी यथाशीघ्र कर दी जाएगी। नवगठित आयोग द्वारा चयन की कार्यवाही समय से प्रारंभ करने की अपेक्षा है।

हर पाली के लिए दो सेट पेपर

उन्होंने कहा कि हर पाली में दो या अधिक पेपर सेट जरूर होने चाहिए। प्रत्येक सेट के प्रश्नपत्र की छपाई अलग-अलग एजेंसी का माध्यम से कराया जाना चाहिए। पेपर कोडिंग को भी और व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। तलाशी लेने के लिए महिला कर्मियों की तैनाती जरूर हो।शुचिता और गोपनीयता के दृष्टिगत चयन आयोगों को परीक्षा से पूर्व, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के उपरांत शासन स्तर के शीर्ष अधिकारियों तथा एसटीएफ के संपर्क में रहना चाहिए।

जल्द लागू होगा

उन्होंने कहा है कि परीक्षाओं की शुचिता के संबंध में आवश्यक सुधार की यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव में लानी होगी। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग द्वारा चयन आयोगों से संपर्क-संवाद कर जल्दी इसे लागू करा दिया जाए। नियुक्ति प्रक्रिया में सरलता के लिए ई-अधियाचन की व्यवस्था लागू की गई है, उसका उपयोग करें। सभी विभाग नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजने से पूर्व नियमावली का सूक्ष्मता से परीक्षण कर लिया जाए। भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए।