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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशयूपी में नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन, सीएम योगी होंगे स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अध्यक्ष

यूपी में नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन, सीएम योगी होंगे स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अध्यक्ष

यूपी की योगी सरकार राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन करेगी। नीति आयोग की तर्ज पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन बनाया जाएगा। इस कमीशन के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। योगी कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है।

यूपी में नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन, सीएम योगी होंगे स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के अध्यक्ष
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊTue, 27 Sep 2022 07:19 PM

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यूपी की योगी सरकार राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन करेगी। नीति आयोग की तर्ज पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन बनाया जाएगा। इस कमीशन के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। यह कमीशन नीतियों को बनाने में थिंक टैंक के रूप में काम करेगा। 

मंगलवार को लखनऊ में हुई योगी कैबिनेट की बैठक में राज्य योजना आयोग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 1972 के योजना आयोग के गठन को पुनर्गठन के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव पास किया है। यह आयोग अब स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के रूप में जाना जाएगा। राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। 

योगी कैबिनेटः जैव ऊर्जा और एमएसएमई की नई नीति समेत 20 प्रस्तावों पर मुहर, जानिए अन्य फैसले

इसके अलावा वित्त मंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, कृषि, समाज कल्याण, पंचायती राज्य मंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, जनशक्ति मंत्री, नगर विकास मंत्री, नियोजन विभाग के मंत्री पदेन सदस्य होंगे। उपाध्यक्ष के पद पर किसी आर्थिक जानकार वित्त क्षेत्र से संबंधित विषय विशेषज्ञ रखे जाएंगे। उनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री करेंगे। 

मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, समाज कल्याण आयुक्त, अपर मुख्य सचिव आदि भी इसमें होंगे। नीति आयोग की तरह नया कमीशन काम करेगा। जिस तरह नीति आयोग थिंक टैंक के रूप में कार्य करते हुए अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों से संवाद करता है और उनकी राय लेकर कार्य करता है, उसी तरह यह कमीशन करेगा। कमीशन तय करेगा कि क्या नई नीतियां होनी चाहिए। वर्तमान नीतियों में क्या परिवर्तन किया जाना चाहिए, इस पर पूरी संरचना और अन्य कार्य भी कमीशन करेगा।

ऊर्जा और एमएसएमई की नई नीति समेत 20 प्रस्तावों पर मुहर

योगी कैबिनेट ने जैव ऊर्जा नीति को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही एमएसएमई नीति को भी मंजूर कर लिया गया है। मंगलवार को लोक भवन में योगी कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 20 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। कैबिनेट ने मुजफ्फरनगर और गोंडा की कटरा बाजार नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को भी हरी झंडी दे दी है। 

कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने बैठक में हुए फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जैव ऊर्जा नीति मंजूर कर ली गई है। पांच साल की इस नीति में सब्सिडी देंगे। सरकार सभी जिलों में बायो फ्यूल प्लांट लगाने के लिये आवेदन मांगेगी। तीस साल के लिये एक रुपये की लीज पर जमीन दी जाएगी। स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

 मंत्री ने अरविंद शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग के अंतर्गत जैव ऊर्जा के संबंध में एक विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसके अंतर्गत पराली जलाने अर्बन समस्या का समाधान होगा। वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। जैव अपशिष्ट का निस्तारण वैज्ञानिक विधि से हो सकेगा। इसके तहत 5 वर्ष में होने वाली जैव ऊर्जा परियोजना के अंतर्गत बायोगैस बायोकॉन बायोडाटा भारत सरकार की उत्पादन योजना पर इंसेंटिव दिया जाएगा। 

वहीं, एमएसएमई नीति के तहत ग्राम सभाओं की जमीन लेकर एमएसएमई यूनिट लगेंगी। एक्सप्रेस वे के पांच किलोमीटर में 5 एकड़ जमीन पर एमएसएमई क्लस्टर बनेगा।

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