Yogi Adityanath says me aur mera se upar uth jaayein toh dukh kabhi nhi hoga - 'मैं-मेरा' से ऊपर उठ जाएं, दुख कभी नहीं होगा : योगी आदित्यनाथ DA Image
12 नबम्बर, 2019|9:24|IST

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'मैं-मेरा' से ऊपर उठ जाएं, दुख कभी नहीं होगा : योगी आदित्यनाथ

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गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'मैं' और 'मेरा' से व्यक्ति ऊपर उठ जाएं तो उसे कभी दुख नहीं होगा। इनसे उबर कर लोक कल्याण का माध्यम बनना चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में साधु-संतों व गृहस्थ शिष्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिष्यों को मंत्र देते हुए कहा कि कोई कार्य में अधूरे मन से न लगें क्योंकि अधूरे मन से न सफलता मिलेगी, न ही अंत: करण को खुशी मिलेगी। जब पूरे मन से प्राचीन सनातन परम्परा को लोक कल्याण से जोड़ा जाता है तो वह वैश्विक स्तर पर छा जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्व योग दिवस को इसका ताजा उदाहरण बताया। मंच पर उनके साथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह एवं कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास भी उपस्थित रहे।

गुरु पूर्णिमा भारत की श्रेष्ठ परम्परा का द्योतक 
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारत की प्राचीन परम्परा और श्रेष्ठ परम्परा का द्योतक है। गुरु न केवल योग्य मार्गदर्शक होता है बल्कि देशकाल परिस्थितियों के अनुरूप समाज का मार्गदर्शन करते हुए समाज को एक नई दिशा दे सकता है। देश व दुनिया के सामने भारत की श्रेष्ठ परम्परा से बहुत कुछ जानने व सीखने का अवसर प्राप्त हुआ है, यह इसी गुरु परम्परा की देन है। गोरक्षपीठ गुरु-शिष्य की उसी परम्परा का प्रतीक है। 

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मजबूर हो चीन ने भी स्वयं को योग से जोड़ा
योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि लोक कल्याणकारी योजनाओं से स्वयं को जोड़कर जरूरतमंदों को इनका लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन विधा योग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं को जोड़ा और 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की परंपरा शुरू की। चीन जैसा देश भी जो धर्म को नहीं मानता लेकिन योग की परम्परा के साथ स्वयं को जोड़ा। इसी तरह कुंभ के आयोजन को वैश्विक मान्यता दिलाई गई। 

गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का किया स्मरण
ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को स्मरण करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित नहीं है लेकिन उनकी कृपा हम सब का सदैव मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्हीं की कृपा का परिणाम है कि गोरक्षपीठ अपने लोक कल्याणकारी अभियान को उसी गति के साथ एक निरंतरता देकर आगे बढ़ा रही है।

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