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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशहोटल के लिए भूउपयोग बदलने के साथ अब झट से पास होगा नक्शा, इनको मिलेगा फायदा

होटल के लिए भूउपयोग बदलने के साथ अब झट से पास होगा नक्शा, इनको मिलेगा फायदा

यूपी में पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए शहरी क्षेत्रों में बनने वाले होटलों की जमीन का भू-उपयोग बदलने के साथ ही नक्शा पास करने की प्रक्रिया अब झट से पूरी होगी। इसके निर्देश भेजे गए।

होटल के लिए भूउपयोग बदलने के साथ अब झट से पास होगा नक्शा, इनको मिलेगा फायदा
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊFri, 30 Sep 2022 07:02 AM

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यूपी में पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए शहरी क्षेत्रों में बनने वाले होटलों की जमीन का भू-उपयोग बदलने के साथ ही नक्शा पास करने की प्रक्रिया अब झट से पूरी होगी। आवास विभाग ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया है। इसमें कहा गया है कि पर्यटन नीति में दी गई व्यवस्था का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

राज्य सरकार ने यूपी में धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों में बेहतर सुविधा देने के लिए नीति का निर्धारण किया है। इसके तहत प्रदेश में चिह्नित पर्यटन स्थलों की 20 किलो मीटर की परिधि में पूंजी निवेश करने वाले उद्यमियों को वित्तीय प्रोत्साहन व अनुदान देने की व्यवस्था है। होटल, रिसोर्ट, वेलनेस सेंटर, थीम पार्क आदि की प्रदेश में स्थापना के लिए लगातार प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। इस नीति के तहत इनकी स्थापना पर भू-उपयोग परिवर्तन व नक्शा पास करने पर लिए जाने वाले विकास शुल्क में 100 फीसदी छूट दिया गया है।

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इसके बाद भी विकास प्राधिकरणों में भू-उपयोग परिवर्तन और नक्शा पास करने संबंधी आवेदनों पर विचार करने में काफी समय लगाया जा रहा है। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वयं पत्र लिखकर इसकी जानकारी प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण को दी है। इसके बाद शासन स्तर से सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि किस शहर में होटल के लिए कितने प्रस्ताव हैं।

इसके मुताबिक आगरा में तीन, अलीगढ़ दो, अयोध्या 15, बागपत एक, बाराबंकी एक, बरेली दो, गोंडा एक, गोरखपुर दो, हाथरस एक, हापुड़ एक, झांसी दो, कानपुर तीन, कासंगज एक, लखीमपुर खीरी एक और लखनऊ के पांच प्रस्ताव हैं। इसी तरह मथुरा तीन, मेरठ तीन, मुजफ्फरनगर दो और वाराणसी के लिए एक प्रस्ताव है। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि पर्यटन नीति के मानकों को पूरा करते हुए अगर इनके आवेदन हुए हैं तो उसके आधार पर भू-उपयोग बदलने के साथ नक्शा पास करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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