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Hindi News उत्तर प्रदेशअखिलेश और मायावती फिर दिखेंगे साथ? 2027 के चुनाव को लेकर अफजाल अंसारी का बड़ा दावा

अखिलेश और मायावती फिर दिखेंगे साथ? 2027 के चुनाव को लेकर अफजाल अंसारी का बड़ा दावा

लोकसभा चुनाव के बाद 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव पर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इससे पहले अभी उपचुनाव होने हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने समीकरण बनाने लगे।

अखिलेश और मायावती फिर दिखेंगे साथ? 2027 के चुनाव को लेकर अफजाल अंसारी का बड़ा दावा
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Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,गाजीपुरMon, 17 Jun 2024 09:05 PM
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लोकसभा चुनाव के बाद 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव पर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि इससे पहले अभी उपचुनाव होने हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच गाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद अफजाल अंसारी ने एक बड़ा दावा भी कर दिया है। अफजाल के इस दावे से यूपी की सियासत में एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल अफजाल ने दावा किया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा एक बार फिर एक साथ नजर आ सकते हैं। यानी 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अगल हुए अखिलेश और मायावती फिर साथ दिखेंगे। हालांकि अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

क्या बोले सांसद अफजाल

गाजीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा है कि हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा फिर एक साथ मिलकर लड़े। उन्होंने आगे कहा कि समाज ने तय कर लिया है कि नेतृत्व को समाज की बात माननी पड़ेगी और नहीं तो पिछली बार की तरह ही बसपा को यूपी में मात्र एक सीट ही मिलेगी। लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अफजाल अंसारी ने दावा किया है कि कुछ दलित बस्तियों में उनको 75 फीसदी तक वोट मिले हैं और औसतन दलित बस्तियों के 50 प्रतिशत वोट उनको मिले हैं। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि लोकसभा चुनाव से पहले उनको ये बात बताई गई थी कि अगर दलित उनको वोट करता है तो परिणाम उनके पक्ष में होगा। सांसद का यह भी कहना था कि बसपा हमको छोड़ना नहीं चाहती और हम बसपा और उसके नेतृत्व को। अभी उम्मीद हमने नहीं छोड़ी है। आने वाले दिनों में दिखाई देगा लोगों को।   

बसपा को 2019 में मिली थीं 10 सीटें 2024 में शून्य पर सिमटी

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करके बसपा ने 10 सीटें जीती थीं। लेकिन इस बार बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को तो फायदा हो गया लेकिन बसपा को भारी नुकसान हुआ। बसपा 10 से सीधे शून्य पर आकर सिमट गई।