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Hindi News उत्तर प्रदेशक्‍यों खत्‍म हो रही गर्दन की लचक? बड़े तो बड़े बच्‍चे भी हो रहे शिकार; क्‍या है इलाज 

क्‍यों खत्‍म हो रही गर्दन की लचक? बड़े तो बड़े बच्‍चे भी हो रहे शिकार; क्‍या है इलाज 

हम में से अधिकांश लोग मोबाइल, टीबी या कोई भी काम करते वक्त घंटों एक ही अवस्था में बैठे रहते हैं। गर्दन को बिना हिलाए लंबा समय बिता देते हैं। यदि आप भी ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं।

क्‍यों खत्‍म हो रही गर्दन की लचक? बड़े तो बड़े बच्‍चे भी हो रहे शिकार; क्‍या है इलाज 
Ajay Singhआशीष दीक्षित,कानपुरMon, 24 Jun 2024 05:49 AM
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Neck Flexion: हम में से अधिकांश लोग मोबाइल, टीबी या कोई भी काम करते वक्त घंटों एक ही अवस्था में बैठे रहते हैं। गर्दन को बिना हिलाए लंबा समय बिता देते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो सुधर लाएं। आपकी यह आदत गर्दन की लचक को खत्म कर रही है। हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में दो महीने में आए मरीजों की केस हिस्ट्री से यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। संबंधित मामलों में देखा गया कि मोबाइल, टीबी ज्यादा देखने के अलावा उठने, बैठने के गलत तरीके ने गर्दन में रीढ़ की हड्डी के नार्मल मोड को खत्म कर दिया। गर्दन की लचक खत्म होने से वह सीधी हो रही है।

बच्चे भी अछूते नहीं 
कार्डियोलॉजी पहुंचे पीड़ितों में बच्चे भी कम नहीं हैं। ज्यादातर मरीजों की आयु 10 से 40 साल के बीच हैं। मरीजों की संख्या की बात करें तो रोज 20 से 25 मरीज गर्दन में दर्द व इधर-उधर घुमाने में दिक्कत लेकर आ रहे हैं। दो माह में 1200 से मरीज इलाज को आए। इनकी केस हिस्ट्री में सामान्यत: एक जैसे कारण मिले हैं।

केस 1-
कल्याणपुर का 10 साल का बच्चा घंटों मोबाइल पर रील्स और गेम खेलता रहता है। इस दौरान उसकी गर्दन उतनी देर तक एक ही अवस्था में रहती है। कई दिन से गर्दन में दर्द व इधर-उधर घुमाने में दिक्कत होने लगी। डॉक्टरों ने गर्दन की लचक में असर पड़ने की बात कही।
 
केस-2 
34 साल का एक युवक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करता है। कम्प्यूटर व लैपटॉप पर घंटों एक ही स्थिति में गर्दन रहती है। शरीर के एक हिस्से में झनझनाहट के अलावा उल्टी, चक्कर भी आने लगे। डॉक्टरी जांच में पता चला कि गर्दन में रीढ़ की हड्डी के नार्मल मोड पर बुरा असर पड़ा है। 

क्‍या बोले विशेषज्ञ 
कानपुर स्थित हृदय रोग संस्थान के वरिष्‍ठ डॉक्‍टर नीरज कुमार ने बताया कि दिनचर्या में शामिल तमाम आदतें शरीर के हिस्सों को नुकसान पहुंचा रही हैं। मोबाइल, टीबी, उठने-बैठने का गलत तरीका व घंटों एक ही स्थिति में रहने की आदत गर्दन की लचक को खत्म कर रही है। रोजाना 20 से 25 मरीज ऐसे आ रहे हैं। केस हिस्ट्री में एक जैसे ही कारण सामने आए हैं।

इन पांच लक्षणों पर दें खास ध्यान

- शरीर के एक हिस्से में झनझनाहट का रहना

- हर समय चींटी के काटने व रेंगने का अहसास

- हर वक्त सिर व गर्दन के हिस्से में भारीपन

-चक्कर के साथ उल्टी आना व महसूस होना

- दर्द के साथ एक तरफ हिस्से में सुन्नपन की शिकायत


इन पांच तरीकों पर करें अमल

- मोबाइल का इस्तेमाल व टीबी ज्यादा देर तक न देखें

- ज्यादा देर तक एक स्थिति में गर्दन व शरीर को न रखें

- झटके से बैठने और अचानक उठने की आदत सुधारें

- दर्द या तकलीफ है तो मालिश या घरेलू उपचार न करें

- बगैर देरी के डॉक्टर को दिखाएं, खुद से दवा न लें