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Hindi News उत्तर प्रदेशअपना दल पिछड़ों के आरक्षण का विरोधी क्यों? अखिलेश यादव ने अनुप्रिया पटेल को घेरा, मिर्जापुर के नाम लिखा संदेश

अपना दल पिछड़ों के आरक्षण का विरोधी क्यों? अखिलेश यादव ने अनुप्रिया पटेल को घेरा, मिर्जापुर के नाम लिखा संदेश

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को ओबीसी यानी पिछड़ों के आरक्षण को लेकर अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल पर बड़ा हमला बोला है।

अपना दल पिछड़ों के आरक्षण का विरोधी क्यों? अखिलेश यादव ने अनुप्रिया पटेल को घेरा, मिर्जापुर के नाम लिखा संदेश
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,मिर्जापुरThu, 30 May 2024 04:23 PM
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को ओबीसी यानी पिछड़ों के आरक्षण को लेकर अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल पर बड़ा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने पूछा कि अपना दल पिछड़ों के आरक्षण का विरोधी क्यों है। मिर्जापुर की जनता के नाम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इससे संबंधित एक संदेश भी लिखा है। मिर्जापुर से अपना दल की प्रमुख अनुप्रिया पटेल खुद मैदान में हैं। ऐसे में इस संदेश को सीधे अनुप्रिया पटेल की घेरेबंदी मानी जा रही है। सपा ने मिर्जापुर में अंतिम समय में टिकट बदलकर भाजपा के ही भदोही से मौजूदा सांसद रमेश बिंद को मैदान में उतार दिया है। ऐसे में मामला बेहद रोचक हो गया है। 

कालीन के लिए मशहूर मिर्जापुर की जनता के नाम लिखे संदेश में अखिलेश कहा कि यहां कि जनता आरक्षण विरोधी भाजपा और उनके स्वार्थी साथियों को सबक सिखाने के लिए उनके पैरों के नीचे से कालीन खींचने को तैयार बैठी है। मिर्जापुर की जनता दुखदाई भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी ‘अपना दल’ के शीर्ष नेतृत्व से पूछ रही है ‘अपना दल’ पिछड़ों के आरक्षण का विरोधी क्यों है?

अखिलेश ने पूछा कि डबल इंजन के अलावा घर में दो-दो मंत्री होते हुए भी मिर्ज़ापुर के विकास का इंजन स्टार्ट क्यों नहीं हुआ? मिर्जापुर के किसानों के खेत अच्छी पैदावार की आस में सूखे-सूने क्यों रह गए? किसानों के लिए उन्होंने कुछ किया क्यों नहीं? युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर स्थानीय स्तर पर पैदा क्यों नहीं किए और जो कारखाने थे उनमें रोज़गार क्यों नहीं दिलवाया?

अखिलेश ने पूछा कि मंत्री रहते हुए भी मिर्ज़ापुर में नए उद्योग-कारखाने क्यों नहीं लगाए? मिर्ज़ापुर के कारोबार को GST के भ्रष्टाचार की मार से बचाने के लिए कोई क़दम क्यों नहीं उठाया? मिर्ज़ापुर के क़ालीन उद्योग को पूंजीपतियों के फ़ायदे के लिए बंद होने के कगार तक क्यों ले गये? ⁠महंगाई के मारे मिर्ज़ापुर के लोगों की कमाई बढ़ाने के लिए या कालीन बनाने की बढ़ती लागत घटाने के लिए, कोई भी कोशिश क्यों नहीं करी? 

अखिलेश ने पूछा कि महिला होते हुए भी महिलाओं के अपमान और तिरस्कार पर चुप क्यों रहीं? ⁠आदिवासियों को उत्पीड़न, अत्याचार, शोषण और अपमान से बचाने के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं किया? कहा कि मिर्जापुर ने बदलाव के तानेबाने पर जनता की सरकार के स्वागत के लिए नई उम्मीदों का नया कालीन बना लिया है। मिर्जापुर की जनता ‘इंडिया गठबंधन’ के सपा प्रत्याशी रमेश चंद बिंद के चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ का बटन दबाकर और उन्हें ऐतिहासिक वोटों से जिताकर इतिहास बनाने जा रही है।