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3 दिसंबर, 2020|7:21|IST

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आयोग ने कहा-क्यों ना स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मुआवजा दें बिजली कंपनियां

why dont electricity companies give compensation to smart meter consumers

उ.प्र. विद्युत नियामक आयोग ने मंगलवार को बिजली कंपनियों के जवाब को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा है कि क्यों ना स्मार्ट मीटर उपभोक्ता जिनकी बिजली 24 घंटे के अंदर जोड़ी गई उन्हें 100 रुपये और जिन उपभोक्ताओं की बिजली इस 24 घंटे के बाद जोड़ी गई, उन्हें अतिरिक्त 50 रुपये बिजली कंपनियां मुआवजा दें? आयोग इस मामले में तीन सितंबर को फिर से सुनवाई करेगा। जन्माष्टमी के दिन 12 अगस्त को राज्य के 1.58 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली कटने के मामले में आयोग ने मंगलवार को बिजली कंपनियों के जवाब पर यह टिप्पणी की है।

आयोग ने माना है कि बिजली कंपनियों नें लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन किया है, कुप्रबंधन सामने आया है। आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह और सदस्यगण केके शर्मा व वीके श्रीवास्तव ने बिजली कंपनियों के जवाब को बेबुनियाद पाया है। आयोग ने कहा है कि एमडी पावर कारपोरेशन को जवाब देना था, उनकी तरफ से निदेशक वाणिज्य ने जवाब दिया जो, उचित नहीं है। आगे से प्रबंध निदेशक ही जवाब देने के लिए अधिकृत होंगे। 

आयोग की इस टिप्पणी को उपभोक्ता परिषद अपनी जीत के रूप में देख रहा है। उपभोक्ता परिषद ने आयोग में जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर पीड़ति उपभोक्ताओं को बिजली कंपनियों से मुआवजा दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि आयोग ने उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की बात कही है जो कि परिषद की जीत है। उम्मीद जताई है कि आयोग जब विद्युत अधिनियम 2003 की धारा--142 पर सुनवाई करेगा तो दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी तय हो जाएगी। 


 

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  • Web Title:why dont electricity companies give compensation to smart meter consumers