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Hindi News उत्तर प्रदेशक्यों मायावती ने आकाश आनंद से बसपा का उत्तराधिकार और नेशनल कोऑर्डिनेटर पद छीना?

क्यों मायावती ने आकाश आनंद से बसपा का उत्तराधिकार और नेशनल कोऑर्डिनेटर पद छीना?

मायावती ने आकाश आनंद को बसपा नेशनल कोआर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। साथ ही खुद का उत्तराधिकारी बनाने का फैसला भी वापस ले लिया। बसपा सुप्रीमो के इस फैसले से अन्य कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

क्यों मायावती ने आकाश आनंद से बसपा का उत्तराधिकार और नेशनल कोऑर्डिनेटर पद छीना?
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊTue, 07 May 2024 11:01 PM
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लोकसभा चुनाव में बसपा प्रमुख मायावती ने जिस स्पीड से आकाश आनंद को पार्टी में अहम जिम्मेदारियां सौंपी थीं, उन्हें छीनने में कतई देरी नहीं लगाई। मायावती ने आकाश आनंद को बसपा नेशनल कोआर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। साथ ही खुद का उत्तराधिकारी बनाने का फैसला भी वापस ले लिया। बसपा सुप्रीमो के इस फैसले से अन्य कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि मायावती ने ये फैसला पिछले दिनों आकाश आनंद की गतिविधियों को देखते हुए लिया गया है। तीन पहले आकाश दिल्ली यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक ट्वीट भी किया था। इतना ही नहीं आकाश आनंद पर कुछ दिन पहले सीतापुर में कई मुकदमे पर भी दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ने आकाश आनंद पर मुकदमे उनकी बेतुकी बयानबाजी के चलते दर्ज किए थे। इसके बाद आकाश आनंद ने प्रचार से दूरी बना ली थी। इसको देखते हुए बसपा ने यूपी में आकाश आनंद की सभी रैलियों को भी रद्द कर दिया था।

क्या बोलीं मायावती

आकाश आनंद को बसपा की सभी जिम्मेदारियों से हटाते हुए मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, बीएसपी एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी मूवमेन्ट है जिसके लिए मान्य. श्री कांशीराम जी व मैंने खुद भी अपनी पूरी ज़िन्दगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है। दूसरे और तीसरे ट्वीट में बसपा प्रमुख ने लिखा, इसी क्रम में पार्टी में, अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही, आकाश आनन्द को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता (maturity) आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है। जबकि इनके पिता श्री आनन्द कुमार पार्टी व मूवमेन्ट में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह ही निभाते रहेंगे। अतः बीएसपी का नेतृत्व पार्टी व मूवमेन्ट के हित में एवं बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के कारवाँ को आगे बढ़ाने में हर प्रकार का त्याग व कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटने वाला है।

एएमयू जाकर छात्रों से मिले थे आकाश

एएमयू जाकर आकाश आनंद ने छात्रों से मुलाकात के बाद फोटो समेत एक ट्वीट किया था। आकाश ने लिखा था, आज पार्टी के दिल्ली के केंद्रीय कार्यालय पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों से मुलाक़ात हुई, देश के राजनैतिक माहौल पर उनसे खुल कर चर्चा करने का मौका मिला। उनकी बातें और चिंताएं सुन कर मन थोड़ा विचलित भी हुआ है..उन्होने बताया कि किस तरह से एक डर का माहौल बना कर पूरे समाज को डराया जा रहा है। मैं इन सभी मेधावी साथियों को धन्यवाद देना चाहता हूं जो उन्होंने अपने दिल की बात खुल कर मेरा साथ साझा कि और मैं आप सभी को ये भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मैं हमेशा आपके और आपसे जुड़े मुद्दों के साथ खड़ा हूं।  

मायावती ने रद्द कर दी थीं आकाश की सभी रैलियां

लोकसभा चुनाव में पहले दिन से ही बेतुके बयान देने को लेकर आकाश आनंद काफी चर्चा में थे। आकाश आनंद के विवादित बयानों के बाद वह पुलिस-प्रशासन की नजरों में चढ़ गए। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती को कड़ा फैसला लेना पड़ा। आकाश आनंद तीखे भाषणों को देखते हुए मायावती ने यूपी में होने वाले आकाश आनंद के सभी चुनावी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया था। इतना ही नहीं अन्य कोआर्डिनेटरों को भी कार्यक्रम लेने से रोक दिया गया था। बतादें कि बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर का 28 अप्रैल को लखीमपुर खीरी, हरदोई और सीतापुर में कार्यक्रम लगा हुआ था। उसी दिन शाम को मोहनलालगंज, लखनऊ और रायबरेली में सभाएं लगी हुई थीं। सीतापुर में चुनावी सभा के दौरान ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जिसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। इसके बाद यूपी में उनके सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया था।

रैली में क्या बोले थे आकाश आनंद 

सीतापुर जिले के राजा रघुबर दयाल इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित बसपा की जनसभा में आकाश आनंद ने भाजपा की यूपी और केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा था इनकी नीयत नहीं है। इनकी इच्छा नहीं है कि आप कभी रोजगार में आ जाओ। ऐसी सरकार जो कभी रोजगार नहीं देती पढ़ने नहीं देती। ऐसी सरकार का कोई हक नहीं आपके बीच आने का। ऐसे लोग अगर आपके बीच में जाएं तो वोट की जगह जूता और चप्पल मारने का काम करना। आकाश आनंद ने आगे कहा, सरकार की मंशा रोजगार देने की भी नहीं है। पेपर लीक होने के बहाने यह रोजगार नहीं देना चाहते हैं।  

आकाश समेत 35 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

सीतापुर में आयोजित बसपा की रैली में आकाश आनंद द्वारा दी गई टिप्पणी को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया। पुलिस ने आकाश आनंद व श्याम किशोर अवस्थी, अक्षय कालरा व आयोजक विकास राजवंशी संमेत 35 लोगों पर भड़काऊ व हिंसक भाषण, असंसदीय भाषा का प्रयोग करने को लेकर आचार संहिता का उल्लंघन का केस दर्ज किया। इन पर धारा  171 सी, 153बी, 188, 505(2) धारा 125 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।