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Hindi News उत्तर प्रदेशआपके इलाके में बार-बार क्‍यों कट रही बिजली? हांफ रहे 6 लाख नए ट्रांसफार्मर और केबल

आपके इलाके में बार-बार क्‍यों कट रही बिजली? हांफ रहे 6 लाख नए ट्रांसफार्मर और केबल

प्रचंड गर्मी ने सबसे कठिन परीक्षा बिजली वितरण व्‍यवस्‍था की ली है। क्षमता वृद्धि के लिए करीब छह लाख नये ट्रांसफार्मर और एक लाख किलोमीटर लंबाई में नई एबीसी केबल जो डाले गए वह भी हांफने लगे हैं।

आपके इलाके में बार-बार क्‍यों कट रही बिजली? हांफ रहे 6 लाख नए ट्रांसफार्मर और केबल
Ajay Singhविशेष संवाददाता,लखनऊSat, 22 Jun 2024 06:26 AM
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Electricity Supply: प्रचंड गर्मी ने सबसे कठिन परीक्षा बिजली वितरण व्यवस्था की ली है। इस गर्मी के कारण यूपी में ऐतिहासिक रूप से बढ़ी बिजली की मांग और खपत ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। विभाग द्वारा पिछले करीब दो साल में क्षमता वृद्धि के लिए करीब छह लाख नये ट्रांसफार्मर और एक लाख किलोमीटर लंबाई में नई एबीसी केबल जो डाले गए वह भी हांफने लगे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र तो दूर राजधानी लखनऊ में ही लोकल फाल्ट से बिजली कटने से जनता बिलबिला रही है। 

विभागीय दस्तावेजों में सबको दी जा रही 24 घंटे बिजली
मई से ही विभाग ने एक तरीके से रोस्टर प्रणाली समाप्त कर सभी को 24 घंटे बिजली देने की कोशिश शुरू कर दी। एसएलडीसी की रिपोर्ट में लगातार गांवों से लेकर शहरों तक प्रतिदिन 24 घंटे बिजली दिए जाने की रिपोर्ट भी सुबह जारी की जाती है। स्थानीय फाल्ट बढ़ने की शिकायतों पर अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं कि हर फाल्ट को तत्काल अटेंड कर ठीक कराया जा रहा है। ओवरलोड की दिक्कत आने पर तत्काल ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी यह नहीं बोल रहे हैं कि बिजली वितरण सिस्टम पर उनके अनुमानों से अधिक का दबाव बढ़ गया है। जिसकी वजह से फाल्ट बढ़े हैं।  

ऊर्जा मंत्री का दावा पिछले दो सालों में हुए रिकार्ड कार्य
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बीते 16 जून को मीडिया से बातचीत तथा बाद में जारी बयान में इस बात का जिक्र किया था कि यूपी ने 30618 मेगावाट की अधिकतम मांग को सकुशल पूरा किया। पिछले दो सालों में किए गए अनुरक्षण कार्यों से यह संभव हो सका। दावे के रूप में ही सही इस बात का जिक्र भी किया था कि स्थानीय दोषों व अन्य कारणों से बिजली सप्लाई बाधित होने को छोड़ दें तो बिना भेदभाव के पूरे प्रदेश को 24 घंटे बिजली दी जा रही है। पिछले दो सालों में आरडीएसएस योजना के तहत 17 हजार करोड़ रुपये, बिजनेस प्लान के तहत 05 हजार करोड़ रुपये तथा नगरीय निकायों में विद्युत तंत्र के विकास पर 01 हजार करोड़ रुपये से काम कराए गए हैं। 19 लाख नये खम्भे लगाये जाने तथा  06 लाख ट्रांसफार्मर बदले जाने का जिक्र किया। 

ट्रांसफार्मर बदलने और सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि से भी नहीं मिली राहत 
विभागीय आंकड़ें बताते हैं कि एक अप्रैल 2022 से 22 फरवरी 2024 के बीच प्रदेश में 517035 ट्रांसफार्मर बदल दिए गए थे। 33/11 केवी के 86 सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ा दी गई थी। 1267 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर नए लगा दिए गए थे। 7882 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ा दी गई थी। इन कामों के हवाले से प्रबंधन का दावा था कि इससे गर्मियों में बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी, जो कि नहीं दिखी। 

बिजली की अधिकतम मांग के अनुमान में विभाग हुआ फेल
विभाग ने अनुमान किया था कि इस बार गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 30500 मेगावाट तक जाएगी। विभाग का यह अनुमान जून में ही फेल हो गया बिजली की अधिकतम मांग 30600 मेगावाट से अधिक तक गई। आने वाले दिनों में उमस भरी गर्मी जैसे-जैसे बढ़ेगी अधिकतम मांग में और इजाफा होगा।