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कौन हैं सुब्रत पाठक? डिंपल यादव को हराने वाले बीजेपी सांसद पर यूपी पुलिस ने क्यों किया मुकदमा

सुब्रत समेत 10 नामजद और 42 अज्ञात लोगों के खिलाफ यूपी पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उन पर अपहरण के आरोपितों की गिरफ्तारी के विरोध में मंडी पुलिस चौकी पर हमला बोलने का आरोप है।

कौन हैं सुब्रत पाठक? डिंपल यादव को हराने वाले बीजेपी सांसद पर यूपी पुलिस ने क्यों किया मुकदमा
Ajay Singhलाइव हिन्‍दुस्‍तान,कन्‍नौजSun, 04 Jun 2023 12:41 PM
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BJP MP Subrata Pathak: कभी समाजवादी पार्टी का गढ़ कही जाने वाली कन्‍नौज सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव को हराकर कमल खिलाने वाले सुब्रत पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सुब्रत समेत 10 नामजद और 42 अज्ञात लोगों के खिलाफ यूपी पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उन पर अपहरण के आरोपितों की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार रात कन्नौज की मंडी पुलिस चौकी पर हमला बोलने का आरोप है। आरोप है कि इन लोगों ने आरोपितों को छुड़ाने के लिए बवाल किया, पुलिसकर्मियों से मारपीट की और चौकी इंचार्ज की वर्दी फाड़ डाली। सुब्रत के खिलाफ केस दर्ज होते ही अखिलेश यादव ने ट्वीट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा है।

अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा- 'पुलिस ने की कन्नौज के भाजपा सांसद सुब्रत पाठक पर ए़फआईआर, जनता पूछ रही है कब होंगे गिरफ़्तार? इन भाजपाइयों से बचने के लिए पुलिस क्या बुलडोज़र के पीछे छुपकर अपनी जान बचाए।' सांसद सुब्रत पाठक और अखिलेश यादव के बीच पहले भी कई बार जुबानी जंग होती रही है। पिछले साल दिसम्‍बर में अखिलेश ने सुब्रत पाठक पर हमला बोलते हुए कहा था, 'गुटखा भरकर बोलने वाले कन्‍नौज के विकास की बात नहीं कर सकते हैं। गुटखा और पान खाना छोड़कर वो कन्‍नौज के विकास पर ध्‍यान दें।' इस बयान के जवाब में सुब्रत पाठक ने भी अखिलेश पर खुलकर पलटवार किया था। सुब्रत ने कहा था, 'मेरा व्‍यवसाय इसी से जुड़ा हुआ है और मैं पान मसाला खाता हूं। जब से मेरे जैसा साधारण व्‍यक्ति कन्‍नौज से सांसद बना है, अखिलेश यादव से बर्दाश्‍त नहीं हो रहा है। उन्‍हें पता होना चाहिए कि न मैं उनसे डरता हूं, न दबता हूं।' सुब्रत ने अखिलेश पर कई फर्जी केस लगवाने का आरोप भी लगाया था। यही नहीं उन्‍होंने अखिलेश को कन्‍नौज आकर चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी थी। 

43 वर्षीय सुब्रत पाठक भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्‍यक्ष रहे। इसके बाद बीजेपी के यूपी संगठन में वह प्रदेश महासचिव बनाए गए। सुब्रत ने 2009 के चुनाव में अखिलेश यादव के सामने ताल ठोंकी थी लेकिन हार गए थे। तब अखिलेश को 3,37751 और सुब्रत को 1,50,872 वोट मिले थे। भाजपा ने उन्‍हें 2014 के चुनाव में भी कन्‍नौज से उम्‍मीदवार बनाया था लेकिन उस चुनाव में वह डिंपल यादव से चुनाव हार गए थे। हालांकि उन्‍होंने डिंपल को कड़ी टक्‍कर दी थी। उन्‍हें कुल 4,69,257 वोट मिले थे और डिंपल यादव को 4,89,164 वोट। इस चुनाव में डिंपल ने सुब्रत को 19907 मतों के अंतर से हरा दिया था। 2019 के चुनाव में सुब्रत एक बार फिर डिंपल के खिलाफ बीजेपी उम्‍मीदवार बने। इस बार उन्‍होंने 12353 वोटों से उन्‍हें पराजित कर दिया। सुब्रत के जरिए बीजेपी समाजवादी पार्टी का यह गढ़ भेदने में कामयाब हो गई। इस चुनाव में सुबत पाठक को जहां 563087 वोट मिले। वहीं निर्वतमान सांसद डिंपल यादव को 550734 मत मिले।

इस मामले में सांसद पर हुआ है केस
उन्नाव के औरास थाने में कन्नौज के दीपू यादव ने छोटे भाई नीलेश के अपहरण का मुकदमा कन्नौज के प्रभाकर, सागर, विशाल व अभिषेक दुबे पर दर्ज कराया था। उन्नाव पुलिस नीलेश और अपहर्ताओं की तलाश में कन्नौज पहुंची। मंडी चौकी प्रभारी हाकिम सिंह को साथ लेकर टीम ने एक जिम पर छापा मारा, जहां नीलेश और चारों नामजद के साथ भाजपा कार्यकर्ता समुद्र श्रीवास्तव भी मिला। पुलिस सभी को मंडी चौकी ले गई। पुलिस के मुताबिक कुछ ही देर में सांसद सुब्रत पाठक भीड़ के साथ चौकी पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। मंडी चौकी प्रभारी का कालर खींच कर गाली-गलौज, मारपीट की। अपहर्ताओं और अपहृत को छुड़ाने की कोशिश की। इस बीच उन्नाव पुलिस सभी को लेकर उन्नाव रवाना हो गई। बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंची, तब तक सुब्रत पाठक समेत भीड़ निकल गई।

सुब्रत की सफाई
इस बारे में सुब्रत पाठक ने अपनी सफाई में कहा है कि दरोगा हाकिम और अन्य पुलिसकर्मी भाजपा कार्यकर्ता समुद्र को पीट रहे थे। महिला कार्यकर्ता के रोकने पर छेड़खानी की और कपड़े फाड़ दिए। रिवाल्वर दिखा हाकिम और तरुण ने धमकाया। पीड़िता ने तहरीर दी पर पुलिस की जगह भाजपा के लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। 

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