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आश्रम में आसाराम? दो सगी बहनों की खुदकुशी की ब्रह्माकुमारी आश्रम ने भी शुरू की जांच

सुसाइड नोट में CM योगी से आश्रम के 4 कर्मचारियों को आसाराम जैसी सजा दिलाने की अपील के बाद फांसी लगाकर 2 सगी बहनों के जान दे देने की मामले की जांच ब्रह्माकुमारी आश्रम मुख्‍यालय भी कर रहा है।

आश्रम में आसाराम? दो सगी बहनों की खुदकुशी की ब्रह्माकुमारी आश्रम ने भी शुरू की जांच
Ajay Singhकार्यालय संवाददाता,आगराSun, 12 Nov 2023 08:47 AM
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Brahma Kumari Ashram Suicide Case: सुसाइड नोट में सीएम योगी से आश्रम के चार कर्मचारियों को आसाराम जैसी सजा दिलाने की अपील के बाद खुद को फांसी लगाकर दो सगी बहनों के जान दे देने की मामले की जांच ब्रह्माकुमारी आश्रम मुख्‍यालय भी कर रहा है। जल्‍द ही आश्रम मुख्‍यालय की एक टीम आगरा पहुंचेगी। खुदकुशी से पहले दोनों बहनों ने आश्रम के वॉट्सऐप ग्रुप में दो सुसाइड नोट भेजे थे। मैसेज देख परिजन आश्रम पहुंचे तो दोनों बहनें छत पर लगे पंखों के हुक से फंदे पर लटकी हुई थीं। 

इस घटना से आगरा ही नहीं ब्रह्माकुमारी आश्रम से जुड़े लाखों लोग सकते में हैं। ब्रह्माकुमारी केंद्र जगनेर में दो सगी बहनों की आत्महत्या के मामले को मुख्यालय ने भी गंभीरता से लिया है। पत्र जारी करके जांच के आदेश दिए गये हैं। संस्था की ओर से जांच की जा रही है। ब्रहमाकुमारी माउंट आबू स्थित शांतिवन के निदेशक बीके करुणा ने यह जानकारी दी है। निदेशक करुणा का कहना है कि घटना से समूचा मुख्यालय स्तब्ध है। दोनों बहनों ने ऐसा कदम क्यों उठाया, क्या परिस्थिति रही। इस बात की जानकारी नहीं है। इस मामले की संस्थान अपने स्तर से जांच करा रहा है। इसमें जांच कमेटी भी गठित होगी। वहीं माउण्ट आबू से सोमवार को टीम आगरा पहुंचेगी। जो अपने स्तर से जांच करेगी। 

मीडिया प्रभारी कोमल भाई ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है। निदेशक ने आगरा प्रभारी से जांच की रिपोर्ट मांगी है। वहीं प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक भी प्रतीत हो रहा है। लेकिन संस्थान को इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। क्योंकि इस संस्थान की कभी भी किसी प्रकार की कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है। वहीं ग्वालियर की पूनम के विषय में भी जानकारी की जा रही है। 

दोनों ही समर्पित बहनें थीं
आगरा में केंद्र की प्रभारी बीके शीला ने बताया कि शिखा और एकता दोनों ही समर्पित बहनें थीं। लेकिन उन्हें संस्थान की ओर से किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं थी। न ही उन्होंने कभी समस्या के विषय में अवगत कराया। न ही संस्था के किसी भी वरिष्ठ भाई बहनों से संपर्क किया। जिससे संस्था उनकी कोई मदद कर पाती। 

जिनका नाम सुसाइड नोट में, उनका संस्थान से लेना-देना नहीं 
ब्रहमाकुमारी माउंट आबू स्थित शांतिवन के निदेशक बीके करुणा का कहना है कि जिन लोगों का नाम सुसाइड नोट में लिखा है। उनका ब्रहमाकुमारी संस्थान से कोई लेना-देना नहीं है। नीरज धौलपुर का निवासी है। उसका ब्रह्माकुमारी संस्थान से कोई लेना देना नहीं है। न तो वो संस्था में समर्पित है, न ही वह संस्थान में रहता है। उसका आना जाना केंद्र पर सिर्फ आम जिज्ञासु की तरह है। उसका संस्थान से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। नीरज सिंघल माउंट आबू के इंसुलेटर में नौकरी करता है। जैसे दूसरे विद्यार्थियों का आना जाना था। उसी प्रकार से उसका भी कभी-कभी आना जाना था।