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Hindi News उत्तर प्रदेशपूर्वांचल की 20 सीटों पर किसका पलड़ा भारी? कहीं सीधी तो कहीं त्रिकोणीय लड़ाई; समझें समीकरण 

पूर्वांचल की 20 सीटों पर किसका पलड़ा भारी? कहीं सीधी तो कहीं त्रिकोणीय लड़ाई; समझें समीकरण 

पूर्वांचल में करीब 20 सीटें आती हैं। दो चुनावों से यह इलाका भारतीय जनता पार्टी के लिए मजबूत गढ़ बना हुआ है। इनमें से 16 सीटों पर एनडीए गठबंधन और चार पर बहुजन समाज पार्टी का कब्जा है।

पूर्वांचल की 20 सीटों पर किसका पलड़ा भारी? कहीं सीधी तो कहीं त्रिकोणीय लड़ाई; समझें समीकरण 
Ajay Singhशैलेंद्र श्रीवास्तव,लखनऊWed, 15 May 2024 06:35 AM
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Lok Sabha Election 2024: लोकसभा का चुनाव अब पूर्वांचल में पहुंच चुका है। पूर्वांचल में करीब 20 सीटें आती हैं। पूर्वांचल पिछले दो चुनावों से भाजपा के लिए मजबूत गढ़ बना हुआ है। पूर्वांचल की 20 सीटों में 16 पर भाजपा गठबंधन और चार पर बसपा का कब्जा है। आजमगढ़ सीट सपा जीती तो जरूर, लेकिन उपचुनाव में हार गई। पूर्वांचल की 11 सीटें ऐसी हैं, जिस पर न तो हाथी दौड़ पाया न ही साइकिल चल पाई है। 

गोरखपुर सीट पर सपा वर्ष 2018 के उपचुनाव में जरूर जीती, लेकिन फिर उसके हाथ से यह सीट फिसल गई। बसपा गाजीपुर में पिछला चुनाव जीती तो जरूर, लेकिन उसके मौजूदा सांसद अफजल अंसारी सपाई हो गए। सपा और बसपा के लिए जहां 11 सीटों पर जीत का परचम लहराने की चुनौती है, तो गाजीपुर में बसपा और गोरखपुर में सपा को दोबारा जीतना किसी सपने से कम नहीं है।

सपा-बसपा को नहीं मिल पाई जीत
समाजवादी पार्टी बस्ती, संतकबीरनगर, कुशीनगर, वाराणसी और भदोही में साइकिल चलाने के लिए पसीने बहा रही है। इन सीटों पर उसे कभी जीत नहीं मिली है। बसपा ने महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, बासगांव, वाराणसी और बलिया में जातीय समीकरण के हिसाब से बंटवारे की चाल चलते हुए बाजी अपने पक्ष में करने का तनाबाना बुना है। सपा गोरखपुर लोकसभा सीट पर एक बार फिर जीत का परचम लहराना चाहती है। जातीय समीकरण देखते हुए काजल निषाद को टिकट दिया। यहां निषाद व केवट बिरादरी के करीब 14 फीसदी वोट बताए जा रहे हैं। सपा ने बस्ती ने राम प्रसाद चौधरी पर दांव लगाया है। जातिगत समीकरण को देखा जाए तो मुस्लिम 11, एससी 22, ब्राह्मण 14 और कुर्मी 11 फीसदी के आसपास बताए जा रहे हैं। सपा मुस्लिम व पिछड़ों के सहारे बाजी मारने का समीकरण साधा है।

पिछड़ी जातियों का दबदबा
पूर्वांचल की अधिकतर सीटों पर जातीय समीकरण के हिसाब से पिछड़ों का दबदबा है। सुभासपा, अपना दल और निषाद पार्टी जैसे छोटे दलों का भी जातीय आधार पूर्वांचल में ही है। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल की इन 20 सीटों में भाजपा 14 और अपना दल ने दो सीटें जीती थीं। बसपा को चार सीटों लालगंज, गाजीपुर, घोसी और जौनपुर में जीत मिली थी। जौनपुर को छोड़ बसपा के अन्य सांसदों ने उसका साथ छोड़ दिया है। भाजपा, सपा और बसपा ने जातीय समीकरण के ही उम्मीदवारों को उतारा है। सपा ने भाजपा से सीधी लड़ाई की चाल चली है तो बसपा ने बंटवारे का खेल खेला है। देखना होगा कि इस खेल में कौन पार्टी चुनावी बाजी अपने पक्ष में पलटने में सफल हो पाती है।

किस सीट पर किसको नहीं मिली जीत
बसपा                सपा
महाराजगंज          बस्ती
गोरखपुर             संतकबीरनगर
कुशीनगर            कुशीनगर
बासगांव             वाराणसी
वाराणसी            भदोही
बलिया             

पूर्वांचल में आती हैं 20 सीटें
पूर्वांचल में करीब 20 सीटें आती हैं। संतकबीरनगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बासगांव, लालगंज, आजमगढ़, घोसी, सलेमपुर, बलिया, जौनपुर, मछलीशहर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर व राबर्ट्सगंज सीटें आती हैं।

पूर्वांचल में 20 सीटों की स्थिति
बस्ती            भाजपा
संतकबीरनगर   भाजपा
महाराजगंज      भाजपा
गोरखपुर         भाजपा
कुशीनगर        भाजपा
देवरिया          भाजपा
बासगांव          भाजपा
लालगंज          बसपा
आजमगढ़         भाजपा
घोसी              बसपा
सलेमपुर          भाजपा
बलिया            भाजपा
जौनपुर           बसपा
मछलीशहर       भाजपा
गाजीपुर           बसपा
चंदौली           भाजपा
वाराणसी          भाजपा
भदोही            भाजपा
मिर्जापुर          अपना दल
राबर्ट्सगंज       अपना दल