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22 जनवरी, 2020|2:17|IST

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जब मुख्यमंत्री ने अफसरों की गरिमा का रखा ख्याल, इशारों में मंत्री से बोले- अफसर को ध्यान से सुनो

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आईआईएम में प्रदेश के विकास के लिए हो रहे मंथन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अफसरों की गरिमा का भी ख्याल रखा। ग्रुप लीडर के रूप में प्रमुख सचिव नवनीत सहगल अपना प्रजेन्टेशन देते हुए बोल रहे थे तो स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने उन्हें टोका कि आपको पांच मिनट दिए गए थे बोलने के लिए।

आप तो पूरा भाषण ही देने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने  उन्हें रवीन्द्र को चुप रहने और उन्हें सुनने का इशारा किया। मुख्यमंत्री बराबर मंत्रियों और अफसरों की हौंसलाअफजाई करते रहे। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा सतीश महाना लखनऊ से बाहर होने के कारण शामिल नहीं हो सके। करीब 60 आईआईएस  अधिकारियों ने शिरकत की। 

कानून व्यवस्था समूह में शामिल सचिव ग्राम्य विकास के.रवीन्द्र नायक ने हर जिले में साइबर थाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक केस चलने पर गवाह टूट जाता है। इसके बाद अभियुक्त बच जाता है। ऐसे में गवाह की सुरक्षा के लिए साइबर थाने जरूरी हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने भी कानून-व्यवस्था पर अपने विचार रखे।

अल्पसंख्यक राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। ऐसे में स्पोटर्स के सामनों के उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। जलशक्ति मंत्री डा.महेन्द्र सिंह ने सिंचाई परियोजना, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा.सतीश द्विवेदी ने प्राइमरी शिक्षा पर विचार रखे। इसके अलावा कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ने कृषि क्षेत्र में सवाल-जवाब किए। 

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  • Web Title:When Chief Minister Yogi Adityanath took care of the dignity of officers