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अयोध्या मंडल की 5 सीटों पर BJP की हार की वजह क्या? भारी पड़ी ये अनदेखी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंडल की पांचों सीटों पर बीजेपी को हार मिली है। भाजपा ने चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग की पूरी तरह अनदेखी कर दी। इस पर सपा पीडीए दांव भारी पड़ गया ।

अयोध्या मंडल की 5 सीटों पर BJP की हार की वजह क्या? भारी पड़ी ये अनदेखी
Deep Pandeyराजीव ओझा,लखनऊThu, 06 Jun 2024 10:23 AM
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रामनगरी अयोध्या को अपना ‘शक्ति केंद्र’ मानकर लोकसभा चुनाव में उतरी भाजपा को पूरे अयोध्या मंडल में मिली हार पर सियासी जगत में नए-नए निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। मंडल की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा की हार की वजहें भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उसमें राम मंदिर के निर्माण से अपेक्षित सियासी लाभ न मिल पाने की वजह सबसे ज्यादा चर्चा में है। सोशल इंजीनियरिंग की अनदेखी, प्रत्याशियों से नाराजगी और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों के प्रभाव की समीक्षा अभी भविष्य के गर्त में है।  

साकेत महाविद्यालय अयोध्या के पूर्व प्राचार्य डॉ. वीएन अरोड़ा के अनुसार इससे कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास और फिर भव्य मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से लोकसभा चुनाव से पहले उपजी रामलहर से भाजपा उत्साहित थी। हालांकि सच यह भी है कि राम मंदिर में दर्शन के लिए पूरे देश से श्रद्धालुओं का तांता देखकर उसका यह उत्साह अति आत्म विश्वास में बदल गया। इसका नतीजा यह रहा कि भाजपा ने चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग की पूरी तरह अनदेखी कर दी।

फैजाबाद समेत उसके अगल-बगल की सभी सीटों पर भाजपा ने केवल अगड़ी जाति के उम्मीदवार उतार दिए। गोंडा, कैसरगंज, बस्ती, अंबेडकरनगर, अमेठी व सुलतानपुर में से किसी भी सीट पर भाजपा ने पिछड़ी जाति का उम्मीदवार नहीं दिया। इससे सपा का ‘पीडीए’ का दांव भाजपा पर भारी पड़ गया। डॉ. अरोड़ा मानते हैं कि इन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को प्राप्त वोट दरअसल राम मंदिर से उपजी आस्था की ही परिणित हैं, जो सोशल इंजीनियरिंग का साथ मिलने पर या प्रत्याशी की अपनी साख होने पर उन्हें जीत की दहलीज तक पहुंचा सकती थी। इन सीटों में से केवल गोंडा व कैसरगंज में ही भाजपा को जीत मिली, शेष सभी सीटों पर उसे पराजय का सामना करना पड़ा।

आरडी इंटर कॉलेज सुचित्तागंज के अवकाश प्राप्त प्रवक्ता दुर्गा प्रसाद तिवारी ‘आफत’ कहते हैं कि अयोध्या में भाजपा हार को राम के प्रति अनास्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सपा के नव निर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद ईश्वर के प्रति अस्थावान व्यक्ति हैं। वह नियमित रूप से गुप्तारघाट पर सरयू स्नान और दर्शन-पूजन करते हैं। चुनाव में कई सारी वजहें होती हैं। वह कहते हैं कि अयोध्या मंडल के सभी पांच जिलों अयोध्या, अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी व सुलतानपुर में सपा की जीत अलग-अलग वजहों से है। यह नहीं कहा जा सकता कि सपा को वोट देने वाले राम मंदिर निर्माण से खुश नहीं हैं। मतदाता वोट करते समय अपने निजी दु:ख-दर्द का भी इजहार करता है। भाजपा को वास्तविक वजहों की पड़त‌ाल करनी चाहिए। 
 
सीट           भाजपा को मिले मत    गठबंधन को मिले मत 
फैजाबाद       4,99,722              5,54,289
अंबेडकरनगर   4,07,712             5,44,959
अमेठी          3,72,032             5,39,228
सुलतानपुर      4,01,156             4,44,330
बाराबंकी        5,04,223             7,19,927