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Audio Viral: 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर चाहिए तो देने होंगे 50 हजार

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बीपीएड की परीक्षाओं में मूल्यांकन की कोडिंग को ध्वस्त करने के लिए कापियों पर रोल नंबर और नाम लिखने का मामला थमा नहीं था कि अब नकल के ठेके का एक ऑडियो वायरल होने पर हड़कंप मचा हुआ है। विवि की परीक्षाओं में कोडिंग का तोड़ निकाल चुके नकल माफियाओं के रैकेट की इस करतूत का मामला उजागर होने के पूरे मूल्यांकन सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऑडियो में 25 हजार रुपये में 70 प्रतिशत से अधिक नंबर दिलाने का दावा करते हुए परीक्षा खत्म होने से पहले ही पैसे मांगे जा रहे हैं ताकि नंबर बढ़ाए जा सकें।

ऑडियो में नकल रैकेट में शामिल एक व्यक्ति और छात्र के बीच होती बताई जा रही है। ऑडियो में छात्र कहता है कि इस बार बात हुई है किसी सचित सर से। वह कह रहे हैं कि इस बार काम नहीं हो पाएगा क्योंकि वे प्रेक्टिकल लेने कानपुर जा रहे हैं। नकल रैकेट में शामिल युवक कहना है कि देख लो जो हमसे कराना चाह रहे हैं उनको एग्जाम से एक दिन पहले पेमेंट करना होगा। चाहे एकाउंट में करा दें या कैश दे दें। छात्र कहता है कि 25 हजार कह दूं एग्जाम से पहले पहले। आश्वासन मिलता है कि नंबर 70 प्रतिशत से अधिक रहेंगे। 89 फीसदी भी नंबर मिल सकते हैं पर मैं 70 प्रतिशत से अधिक नंबर की गारंटी लेते हैं।

यही नहीं 4 बच्चे इस काम के लिए देने की बात कहते हैं कि एक बच्चे को कॉपी भी फोटो दिला सकते हैं। यह भी कहता है कि जून में प्रेक्टिकल, जून में इंप्रूवमेंट और जून में ही रिजल्ट चाहिए। इस ऑडियो से साफ है कि विवि के मूल्यांकन में सेंधमारी की पूरी सेटिंग हो चुकी है। हालांकि इसमें यह नहीं बताया है कि काम कैसे होगा पर 70 प्रतिशत से अधिक नंबर का दावा जिस आत्मविश्वास के साथ नकल रैकेट का सदस्य कह रहा है उससे साफ है कि वह झूठ बोलकर पैसे ठग रहा है या फिर उसकी वाकई में सेटिंग है।

25 छात्रों ने नकल माफिया के इशारे पर लिखे थे नाम रोल नंबर
रुहेलखंड विवि कैंपस में बीपीएड की परीक्षाओं के दौरान कुछ दिन पहले 25 छात्रों की कापियों पर रोल नंबर, नाम और कॉलेज का नाम लिखा मिला था। इस मामले के सामने आने के बाद संभावना जताई जा रही थी कि नकल के रैकेट ने इस पूरे खेल का रचा है। इसकी बाकायदा स्क्रिप्टिंग की गई है। उस वक्त इतने छात्रों की कापियों पर कोडिंग तोड़ने का खेल समझ नहीं आया पर अब ऑडियो वायरल होने के बाद साफ है कि यह सब कुछ नकल माफियाओं के इशारे पर ही छात्रों ने किया है। परीक्षा से पहले बाकायादा छात्रों से नंबर दिलाने के लिए पैसे वसूले गए। इसके बाद जिन छात्रों ने पैसे दिए उनको कापियों ने कहीं नाम , रोल नंबर और कॉलेज का नाम लिखने के लिए कहा गया ताकि कापियां आासानी से ट्रेस की जा सकें। इस मामले में विवि प्रशासन ने जांच के बजाय केवल यूएफएम कमेटी के हवाले कर इतिश्री कर ली जबकि यह काफी गंभीर मामला था। अब ऑडियो वायरल होने के बाद बीपीएड में पैसे लेकर पास कराने के पूरे खेल की पिक्चर समझ में आ गई है। 

कोडिंग टूटेगी जब चार तरह की कापियां होगी
बरेली। विवि के कर्मचारियों ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान चार तरह की कापियों का इस्तेमाल किया गया है। पुरानी कापियों को वापास लेने के बजाय उनको खपा दिया गया।नई कापियों में नए सिक्योरिटी फीचर थे जबकि पुरानी कापियों में सिक्योरिटी फीचर कम थे।  ऐसे में जिस कॉलेज को फायदा पहुंचाता होता था वहां परीक्षा विभाग के कर्मचारियों और अफसरों की मदद से पूराने फीचर वाली कापियां दी जाती और वह आसानी से पहचान में आ जातीं। 

अभी एग्जाम चल रहे हैं। ऑडियो अभी आई नहीं है पर ऐसा है तो गंभीर मामला है। ऑडयो की जांच होगी और मूल्यांकन में पूरी सख्ती होगी। इसके लिए मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को सभी जरुरी एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। किसी हाल में मूल्यांकन की गोपनीयता भंग नहीं होने दी जाएगी। -प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति

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  • Web Title:Viral Audio Examiner ask 50 thousand rupees to give more than 70 percent marks in BPED paper