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Hindi News उत्तर प्रदेश'देख रहे हो न विनोद... ' भारत रत्न मांगा तो अयोग्‍य बताने में लग गए 40 दिन

'देख रहे हो न विनोद... ' भारत रत्न मांगा तो अयोग्‍य बताने में लग गए 40 दिन

कमिश्‍नर को चिट्ठी लिख खुद के लिए भारत रत्न की मांग करने वाले गोरखपुर के विनोद को अब अफसरों ने बताया है कि वह अभी इस सम्मान के योग्य नहीं हैं। विनोद के पास डीएम ऑफिस से फोन गया था।

'देख रहे हो न विनोद... ' भारत रत्न मांगा तो अयोग्‍य बताने में लग गए 40 दिन
Ajay Singhवरिष्‍ठ संवाददाता,गोरखपुरWed, 22 Nov 2023 12:31 PM
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Demand for Bharat Ratna: अंत:करण की आवाज पर कमिश्‍नर को चिट्ठी लिख खुद के लिए भारत रत्न की मांग करने वाले गोरखपुर के विनोद को 40 दिन बाद इसका जवाब मिला है। अफसरों की ओर से उन्‍हें बताया गया है कि वह अभी इस सम्मान के योग्य नहीं हैं। मंगलवार को विनोद के पास डीएम ऑफिस से फोन गया था। विनोद के मुताबिक उनसे उनकी उपलब्धि पूछी गई थी। जवाब में विनोद ने ध्यान करने की बात कही। इस पर जवाब मिला कि अभी आप की उपलब्धि ऐसी नहीं है कि आपको भारत रत्‍न दिया जाए। 

अयोग्‍य बताए जाने के बाद भी विनोद ने हिम्‍मत नहीं हारी है। उनका कहना है कि अब वह और मन लगाकर ध्‍यान करेंगे। उधर इस बारे में तहसीलदार सदर का कहना है कि लेखपाल गांव के लोगों का बयान ले रहे हैं। जांच-पड़ताल के बाद मामले का निस्तारण किया जाएगा।

अंत:करण की आवाज पर भारत रत्न दिलाने की मांग वाली चिट्ठी प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। 11 अक्‍टूबर 2023 को लिखी इस चिट्ठी में गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अंतकरण की आवाज पर भारत रत्न देने की मांग कर दी थी। इस अजीब मांग वाली चिट्ठी को अधिकारियों ने फारवर्ड भी कर दिया था। कमिश्नर से राजस्व निरीक्षक तक यह चिट्ठी पहुंची। 

अधिकारियों के सिग्नेचर वाली यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तो हड़कंप मच गया। तब सम्‍बन्धित लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ। कहा जा रहा है कि जिन अफसरों ने चिट्ठी पर हस्‍ताक्षर किए थे, उनमें से किसी ने इसे ध्यान से पढ़ा भी नहीं था। यह चिट्ठी पिपराइच थाना और सदर तहसील क्षेत्र के कुसम्‍ही बाजार के महराजी गांव के उत्‍तर टोला के रहने वाले विनोद कुमार गोंड ने लिखी थी। अब च‍िट्ठी लिखने के करीब 40 दिन बाद उन्‍हें फोन पर इसका मौखिक जवाब मिल गया है।

विनोद का कहना है कि वह 30 सितंबर 2023 को संध्‍या वंदन यानी शाम की पूजा के पहले ध्‍यान साधना में बैठकर तपस्‍या कर रहे थे। इसी दौरान उन्‍हें अंतःकरण से बहुत तीव्र गति से दो बार आवाज आई कि, ‘मुझे भारत रत्‍न चाहिए, मुझे भारत रत्‍न चाहिए।' इसी के बाद उन्‍होंने चिट्ठी लिखकर आयुक्‍त (कमिश्‍नर) कार्यालय गोरखपुर के नाम से प्रेषित की थी। इसमें खुद को भारत रत्‍न देने की मांग की थी। अपर आयुक्‍त (न्‍यायिक) के ऑफिस ने कार्रवाई के लिए इस चिट्ठी को गोरखपुर के जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दिया था। 

क्‍या लिखा है चिट्ठी में 
चिट्ठी में विनोद ने लिखा- 'सविनय निवेदन है कि प्रार्थी विनोद कुमार गौड़ पुत्र स्वर्गीय तुलसी प्रसाद गौड़ ग्राम महराजी उत्तर टोला, पोस्ट कुसमही बाजार, थाना पिपराइच, तहसील सदरजिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत। 30 सितंबर 2023 को संध्या वंदन से पहले ध्यान साधना में बैठकर तपस्या कर रहा था कि अचानक मेर अंतः करण से आवाज आई कि मुझे भारत रत्न मिलना चाहिए, मुझे भारत रत्न चाहिए कि आवाज बहुत तीव्र गति से उत्पन्न होने लगी। अतः आप श्रीमान जी से निवेदन है कि प्रार्थी की समस्त मनोकामना पूर्ण कर भारत रत्न से सम्मानित करने की कृपा करें।'

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