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26 फरवरी, 2021|10:23|IST

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खंडहर घर में शव देख ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ाया, जान बचाने के लिए दरोगा को जोड़ने पड़े हाथ 

villagers rushed to the police after seeing the dead body in the ruins in agra

यूपी के आगरा अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव मई से एक जनवरी को लापता हुए 20 वर्षीय दिनेश का शव सोमवार को खंडहर घर में फंदे पर लटका मिला। शव कई दिन पुराना था। सड़ चुका था। सूचना पर अछनेरा थाना पुलिस गांव में पहुंची तो ग्रामीण भड़क गए। पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस कर्मी प्रधान के घर में घुस गए। भीड़ ने दरवाजा तोड़ दिया। जान बचाने के लिए दरोगा को हाथ जोड़ने पड़े।

20 वर्षीय दिनेश पुत्र शिवशंकर एक जनवरी की सुबह दौड़ लगाने के लिए घर से निकला था। उसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने पहले दिन खूब तलाशा। कोई सुराग नहीं मिला। दो जनवरी को वे थाने पहुंचे। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजन जब भी थाने जाते पुलिस कर्मी कुछ बताने के बजाए उल्टा यह पूछते कि कोई सुराग मिला। दिनेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन किरावली मिली थी। उसके बाद मोबाइल बंद हो गया था। घरवाले परेशान थे। पुलिस के हाथ-पैर जोड़ रहे थे। उनका आरोप था कि पुलिस जांच नहीं कर रही है। पुलिस को लग रहा था कि दिनेश खुद ही कहीं चला गया है।

सोमवार सुबह दिनेश की मां बैजोदेवी अपने खंडहर घर की छत पर उपले थापने गई थीं। वहां उन्हें तेज दुर्गंध आई। उन्होंने घरवालों को बताया। ग्रामीण भी आ गए। घरवाले खंडहर में गए तो दीपक का शव प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला। शव सड़ गया था। घरवालों ने हत्या की आशंका जताई। माहौल गर्मा गया। सूचना पर एसआई चंद्रेश गौतम, एसआई अनुज बालियान तीन सिपाहियों के साथ गांव में पहुंचे। पुलिस को देखते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हल्ला मच गया। घेर लो। अब आए हैं। पहले तलाश तक नहीं कर रहे थे।

भीड़ ने पुलिस कर्मियों को दौड़ा लिया। पुलिस कर्मी इधर-उधर भागने लगे। दो सिपाही और दोनों दरोगा प्रधान के घर में घुस गए। दरवाजा बंद कर लिया। भीड़ बाहर आ गई। दरवाजा तोड़ने लगी। हंगामा होता देख दोनों सिपाही और एसआई अनुज बालियान छत पर चढ़ गए। वहां से भागने का रास्ता खोज लिया। एसआई चंद्रेश गौतम घिर गए। जान बचाने के लिए उन्होंने भीड़ के हाथ जोड़े। किसी ने वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सूचना पर बाद में पीएसी और कई थानों का फोर्स पहुंच गया। पुलिस फोर्स देखकर भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पोस्टमार्टम में मौत की वजह फांसी आई
इंस्पेक्टर अछनेरा उदयवीर मलिक ने बताया कि हत्या का आरोप बेबुनियाद है। युवक ने उसी दिन खंडहर घर में फांसी लगाकर जान दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी के कारण दम घुटना आई है। पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता हुई थी। इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर्मियों को घेरने का प्रयास हुआ था।

फोर्स के लिए व्हाट्स एप मैसेज किया
पुलिस कर्मी मई गांव में घिर गए थे। गांव में मोबाइल टॉवर नहीं आ रहा था। फोन नहीं लग रहा था। ग्रामीण आक्रोशित थे। पुलिस कर्मी हाथ लग जाते तो हमला बोल देते थे। माहौल देख एक पुलिस कर्मी ने अपने मोबाइल से थाने पर व्हाट्स एप मैसेज भेजा। मैसेज मिलते ही पुलिस और पीएसी गांव के लिए चल दी। कुछ ही देर में वहां आ गई।

पुलिस ने नहीं दिखायी गंभीरता
ग्रामीणों के अनुसार परिजनों द्वारा बार-बार थाने पर जाकर दीपक की तलाश के लिए प्रयास करने की गुहार लगाई जाती थी। पुलिस कर्मियों ने इस मामले को पहले दिन से गंभीरता से नहीं लिया। एसआई सोबरन सिंह ने परिजनों को मौके से भगा दिया था। पुलिस कर्मी एसआई अनुज बालियान से भी नाराज थे। उसके व्यवहार की भी शिकायत कर रहे थे। भीड़ को मौका मिला तो पुलिस कर्मियों को अपना गुस्सा दिखा दिया।


 

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  • Web Title:Villagers rushed to the police after seeing the dead body in the ruins in agra