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24 जुलाई, 2020|8:18|IST

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विकास दुबे की पत्नी ऋचा बोली- वह मेरे सामने आता तो मैं उसे गोली मार देती

यूपी के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का गुनहगार विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे कहा कि अगर ऐसी घटना के बाद विकास दुबे मेरे सामने होता तो खुद उसको गोली मार देती। ऋचा गुरुवार को पहली बार मीडिया के सामने आई। न्यूज चैनल आजतक दिए इंटरव्यू में अपने पति से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। उसने यह भी जानकारी दी कि घटना वाली रात दो बजे विकास ने फोन कर बताया था कि बच्चों को लेकर भाग जाओ, मेरा गांव में झगड़ा हो गया है। 

ऋचा ने कहा, विकास ने जो भी किया उसके लिए उसे माफ नहीं किया जा सकता। उसने आठ पुलिसकर्मियों की पत्नियों को विधवा कर दिया। किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। मैं होती तो खुद विकास को गोली मारने में पीछे नहीं हटती। घटना वाली रात दो बजे विकास का फोन आया था। उसने फोन पर कहा कि गांव में पुलिस पर गोलियां चल रही हैं। तुम बच्चों को लेकर निकल जाओ। इस पर ऋचा ने कहा कि मैं तुम्हें समझाकर थक चुकी हूं। तुमने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया तो उसने गालियां दी थीं। इसके बाद ऋचा ने फोन पटक दिया था। वह जिस हालत में थी, उसी हालत में निकल गई। 

टूटे कॉम्प्लेक्स में बिताए सात दिन
ऋचा ने कहा कि वह सात दिनों तक लखनऊ में एक टूटे कॉम्प्लेक्स में अपने बच्चों के साथ रही। उसे कुछ पता नहीं था कि इस घटना के बाद क्या होने वाला है। वह सिर्फ अपने बच्चों की परवरिश को लेकर चिंतित थी। उसने कहा कि न मायका और न ही ससुराल से मुझे कोई सपोर्ट मिलना था। इस कारण अपने बच्चों के लिए जो भी करना था, खुद ही करना था।

विकास के बारे में बहुत कुछ नहीं जानती थी
ऋचा ने कहा कि विकास के किस पुलिस अधिकारी, अफसर या राजनेताओं से संबंध थे इसके बारे में वह नहीं जानती। उसने कहा कि उसका गांव में आना जाना बहुत कम रहता था। उस पर जब गांव आने का दवाब बनाया जाता था, तब वह पहुंचती थी। विकास की ऐसी बहुत सी बातें हैं जिनके बारे में वह नहीं जानती। उसने कहा कि हमारे बीच संबंध सिर्फ इतने थे कि विकास अपने बच्चों की परवरिश के लिए पैसे देते थे और मैं सिर्फ बच्चों के लिए जी रही थी। 

जय से एक बार की मुलाकात 
ऋचा ने कहा कि वह जय बाजपेई को भी अच्छे से नहीं जानती। जिला पंचायत चुनाव में एक बार जय गांव आया था। उसी दौरान ऋचा की उससे पहली मुलाकात हुई थी। उसके बाद से कोई मुलाकात नहीं हुई। 

क्षेत्र के लोगों ने बनाया अपराधी
कोई भी पैदा होते ही अपराधी नहीं होता। विकास भी अपराधी नहीं था। उसे क्षेत्र के लोगों ने अपराधी बनाया। ऋचा ने कहा कि जब वह दुर्घटना का शिकार हुआ था तो उसके दिमाग में बबल आ गया था। इसके कारण वह एनजाइटी का मरीज हो गया था। उसका इलाज चल रहा था। बीते 3-4 माह से इलाज नहीं हो सका था। इस बीमारी के कारण विकास का गुस्सा बहुत बढ़ गया था। 

बदमाश की औलाद बदमाश नहीं होती 
घटना के बाद से छोटा बेटा दिमागी तौर पर शॉक्ड हो गया है। हालांकि मैं अपने बच्चों की अच्छी परवरिश कर रही हूं। मेरे बड़े बेटे ने मेडिकल की तीन साल की पढ़ाई पूरी कर ली है। छोटे बेटे के हाईस्कूल में 91.4 प्रतिशत आए हैं। वे अपने रास्ते आगे बढ़ रहे हैं। ऋचा ने कहा कि वह सिर्फ इतना मैसेज देना चाहती है कि बदमाश की औलाद बदमाश ही नहीं होती। 

करोड़ों की सम्पत्ति नहीं 
ऋचा ने कहा कि विकास के पास करोड़ों की सम्पत्ति नहीं थी। अगर होती तो लखनऊ में 1600 वर्ग फुट के घर में नहीं रहना पड़ता। उसने कहा कि विकास जिंदा होते तो वह अपने कनेक्शन के साथ ही पैसों का स्रोत बता सकते थे। उसने कहा कि भैरोघाट से निकलते वक्त एक एक पुलिसकर्मी के हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए निवेदन किया था कि उत्तर प्रदेश ही क्या भारत वर्ष में विकास पैदा न हो। 

किस्मत अच्छी थी जो बचता रहा
पत्नी ने कहा कि विकास की किस्मत अच्छी थी जो वह अपराध करने के बाद भी बचता रहा। उसने कहा कि पुलिस ने कोई गलत कृत्य नहीं किया। मैं सिर्फ इतना चाहती की मेरे समाज के लोग मुझे समझें और बच्चों और मुझे माफ कर दें। एनकाउंटर पर सवाल खड़े होने की बात पर वह बोली कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। जो होगा ठीक ही होगा। उसने कहा कि मुख्यमंत्री से सिर्फ इतना ही कहूंगी कि विकास के कृत्यों की सजा मुझे और मेरे बच्चों को न दी जाए।
 

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  • Web Title:Vikas Dubey wife richa dubey exclusive interview she said If he had come in after kanpur case front of me I would have shot him