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Hindi News उत्तर प्रदेशवाराणसी में दो माह से सफाईकर्मियों को वेतन नहीं, ठप हुआ कूड़े का उठान, चरमराई व्यवस्था

वाराणसी में दो माह से सफाईकर्मियों को वेतन नहीं, ठप हुआ कूड़े का उठान, चरमराई व्यवस्था

वाराणसी में वेतन नहीं मिलने से हड़ताल हो गई है। मंगलवार को डोर टू डोर कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था चरमरा गई। वरुणापार के इलाके छोड़कर शहर के अन्य वार्डों में दोपहर तक कूड़े का उठान नहीं हो सका।

वाराणसी में दो माह से सफाईकर्मियों को वेतन नहीं, ठप हुआ कूड़े का उठान, चरमराई व्यवस्था
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,वाराणसीTue, 25 Jun 2024 05:22 PM
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वाराणसी में वेतन नहीं मिलने से मंगलवार को डोर टू डोर कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था चरमरा गई। वरुणापार के इलाके छोड़कर शहर के अन्य वार्डों में दोपहर तक कूड़े का उठान नहीं हो सका। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने सफाई किया लेकिन कूड़ा गाडियां नहीं निकलने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। डोर टू डोर कूड़ा उठान करने वाली कंपनी वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन के कर्मचारी, सुपरवाइजर और ड्राइवर धरने पर बैठे हुए हैं। दो माह से तनख्वाह न मिलने से नाराज ये कर्मचारी अब खाते में पैसे आने तक काम पर न  लौटने पर अड़े हैं। पीलीकोठी में धनेसरा तालाब परिसर, भेलूपुर में जलकल परिसर और बेनियाबाग में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं, नगर आयुक्त कार्यालय के अंदर भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया। पार्षद अक्षयवर सिंह ने कहा-नगर आयुक्त जी, आपकी वजह से मोदी जी को कम वोट मिले। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे हैं। मोहल्ले में बारिश की शुरुआत के बाद भी सीवर की सफाई नहीं की गई। लोग गंदगी से परेशान हैं। शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता है।

पीने का पानी भी नाले में गिर रहा है, हालत बदतर हैं। इसके आलावा नगर के विभिन्न क्षेत्रों में उचित प्रकाश की व्यवस्था नहीं हैं। इन सभी बातों और नाराजगी को लेकर बड़ी संख्या में बीजेपी के पार्षद नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे हैं। जहां नगर आयुक्त का घेराव करते हुए नारेबाजी की।

नगर आयुक्त अक्षत वर्मा और पार्षदों के बीच कुल 2 घंटे बातचीत हुई। लेकिन, पार्षदों की सबसे अधिक नाराजगी सीवर समस्या को लेकर था। जलकल विभाग के सचिव ओपी सिंह के आश्वासन के बाद शांत हुए। पार्षदों ने कहा-अगर 1 सप्ताह में सही तरह से पूरा काम नहीं हुआ, तो हम विरोध करेंगे।

शहर दक्षिण विधानसभा के पार्षद इन्द्रेश कुमार ने बताया कि नगर आयोग से हम लोग बात करने आए थे। बारिश का मौसम सामने है, 2 महीने पहले ही सफाई की जानी चाहिए थी। लेकिन शिकायत के बाद भी समाधान नहीं किया गया।

पार्षद ने कहा कि कुर्सी पर बैठे लोग ठेकेदारी प्रथा को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर-आयुक्त ने जल्द टेंडर शुरू कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन किसी भी समस्या का हल नहीं किया गया। कई इलाकों में लोग पीने का पानी हैंडपंप से ले रहे हैं।