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16 फरवरी, 2020|6:16|IST

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वाराणसी : काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में हादसा, भवन का हिस्सा गिरने से बाबा का 350 वर्ष प्राचीन सिंहासन क्षतिग्रस्त VIDEO

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काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर क्षेत्र में बुधवार की सुबह भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के मकान का एक हिस्सा गिरने से उसमें रखा बाबा विश्वनाथ का रजत सिंहासन मलबे में दबने से क्षतिग्रस्त हो गया। भवन में ही महंत का पूरा परिवार रह रहा है। संयोग से वह लोग दूसरे हिस्से में थे। पूरे मकान पर खतरे को देखते हुए महंत एवं उनके परिवार के सदस्यों को पास के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। मलबे में दबे मकान के अन्य सामान निकलवाए गए जबकि सिंहासन व झूला महंत की मौजूदगी में एक-दो दिन बाद मलबे से निकाले जाएंगे।  

विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए भवनों को खाली करा कर गिराने का काम चल रहा है। पूर्व महंत कुलपति तिवारी के आवास को छोड़कर सभी मकान खाली हो चुके हैं। महंत के परिवार को भी रंगभरी एकादशी के बाद मकान खाली करना है। इसी आवास से बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव होता है। इसके लिए यहां बाबा विश्वनाथ का रजत सिंहासन भी है। इसी सिंहासन पर रंगभरी एकादशी को पंच बदन को बिठाकर विश्वनाथ दरबार ले जाया जाता है। 

महंत  जी के मकान के आसपास के मकानों को तोड़ने का काम भी चल रहा है। महंत के परिवार ने अपने मकान से सटे मकान को रंगभरी एकादशी के बाद या जेसीबी से नहीं तोड़ने की बात कही थी। इसके बाद भी बुधवार की सुबह पास के एक मकान को जेसीबी से तोड़ा जा रहा था। जेसीबी की धमक महंत के मकान पर भी पड़ी और एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे अफरातफरी मच गयी। 

मकान का हिस्सा गिरने से बाबा विश्वनाथ का 350 वर्ष प्राचीन रजत सिंहासन मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके साथ ही रंगभरी एकादशी का मंच भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान पंचबदन रजत प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से बच गई। वसंत पंचमी होने वाली बाबा के तिलकोत्सव की महंत आवास में आजकल तैयारी भी चल रही थी।

जानकारी मिलने पर अन्य अधिकारियों के अलावा एसडीएम विनोद कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और  जायजा लिया। ध्वस्तीकरण का काम भी रोकवा दिया। उन्होंने पूर्व महंत से मिलकर खाली होने तक उनके मकान के आसपास किसी भी प्रकार का काम शुरू नहीं होने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि मंहत का भवन करीब 15 दिन पहले खरीद लिया गया है। लेकिन रंगभरी एकादशी पर बाबा दरबार में होने वाले आयोजन तक खाली करने की मोहलत दी गई है। पूर्व महंत के बेटे कुमार तिवारी ने बताया कि मंदिर की ओर से रंगभरी एकादशी तक के लिए समय दिया गया था। इसमें अचानक ठेकेदार ने कैसे काम शुरू कर दिया।

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  • Web Title:Varanasi: 350 years old throne of Ancient Baba destroyed due to falling part of building in Kashi Vishwanath Corridor