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29 नवंबर, 2020|8:10|IST

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कोरोना संकट के बीच यूपी में तीन महीने चलेगा वैक्सीनेशन, जानिए सीएम योगी का क्या है 10 दिन का प्लान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को जनांदोलन बनाने की जरूरत है। जब तक बचपन स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होगा तब तक सुनहरे उत्तर प्रदेश का सपना साकार नहीं हो सकता। प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, पर हम इसे राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने के लिए हर कोशिश करेंगे। टीकाकरण का कार्य बुधवार एवं शनिवार के साथ अब सोमवार को भी होगा। 

मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने आवास पर कोविड संक्रमण काल में छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए समर्पित विशेष टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना तहत छूटे हुए लाभार्थियों को 'गोल्डन कार्ड' वितरण और टीबी मरीजों की खोज के विशेष अभियान का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण काल में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ज़रूरी टीकाकरण का कार्य रुक गया था। अब अभियान चला कर इसे पूरा किया जाएगा। नवंबर 2020 से जनवरी 2021 तक चलने वाले इस विशेष अभियान में सभी ग्रामीण ब्लॉक-शहरी क्षेत्रों में लेफ्ट आउट एवं ड्रॉप आउट बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा।  

हर जरूरतमंद को मिलेगा आयुष्मान का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड विहीन 6,709 गांवों में लाभार्थियों का सत्यापन एवं गोल्डेन कार्ड वितरण कार्य किया गया। 'आयुष्मान मित्र' की जिम्मेदारी तय की जाए। एक भी घर, जो पात्र हो, गोल्डन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए हर ग्राम पंचायत से 10-10 लोगों को जोड़ा जाए। अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के पांच लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके घर-परिवार की जानकारी लेते हुए पहले कार्ड क्यों नहीं बनने के बारे में भी पूछा।

घर-घर दस्तक देकर टीबी मरीजों की होगी तलाश 
मुख्यमंत्री  ने रविवार को टीबी मरीजों की खोज के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की। इसके तहत प्रदेश के 29 जिलों में 1 से 11 नवम्बर तक ‘सक्रिय केस खोज’ अभियान चलाया जाएगा। एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य छुपे हुए सम्भावित टीबी के रोगियों को उनके घरों से खोजना और उन्हें टीबी की जांच और उपचार सेवाओं से जोड़ने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्षय रोग को वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। 29 जिलों  में अगले 10 दिनों तक चलने वाले इस एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगभग 81 लाख आबादी में जहां क्षय रोगियों की संभावना ज्यादा है, घर-घर जाकर क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताएंगे। साथ ही, संदिग्ध रोगियों की पहचान कर उनकी निःशुल्क जांच व उपचार प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस काम में जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील भी की। 

इन जिलों में चलेगा सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान
अंबेडकर नगर, अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, महोबा, मऊ, पीलीभीत, संत रविदास नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, संत कबीर नगर एवं लखनऊ।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में नव निर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का हुआ लोकार्पण :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज  गोरखपुर में नवनिर्मित कल्चर एण्ड डीएसटी लैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में एक नेशनल रिफरेन्स लेबोरेटरी (एनआरएल),  दो इन्टरमीडिएट रिफरेन्स लेबोरेटरी (आईआरएल),  7 कल्चर एण्ड डीएसटी लैब के माध्यम से मल्टी ड्रग रेजिस्टेन्ट (एमडीआर) क्षय रोगियों का उपचार शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पीडियाट्रिक ड्रग रेजिस्टेंट क्षय रोगियों के लिए नई दवा ‘डेलामिनिड’ आधारित रेजीमिन का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने कहा कि ड्रग रेजिस्टेंट टीबी से ग्रसित  6 से 18 वर्ष कम उम्र के मरीजों के अल्पवधि एवं दर्द रहित इलाज के लिए नई औषधि ‘डेलामिनिड’ का उपयोग उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। टीके के साथ टॉफी भी:  विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री के सामने जिन बच्चों को टीका लगाया गया, उन्हें मुख्यमंत्री ने दुलार भी किया। 
 

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  • Web Title:Vaccination will run for three months in UP amid Corona crisis me chief minister yogi adityanath ghar ghar chalayenge abhiyan