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राहतः यूपी में फिलहाल बिजली नहीं होगी महंगी

UP Electricity bill

उत्तर प्रदेश में अभी बिजली दरें फिलहाल नहीं बढ़ेंगी। उप्र नियामक आयोग ने यूपी पावर कारपोरेशन के बिजली दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं किया।

आयोग अब इस पर उपभोक्ताओं सहित अन्य सभी पक्षों से चर्चा करने के बाद ही बिजली दरों को मंजूरी देगा। इस आदेश से आम उपभोक्ताओं को अभी राहत मिल गई। हालांकि कॉरपोरेशन के वार्षिक आय-व्यय को शर्तों के साथ मंजूरी दे दी गई है। आयोग ने कॉरपोरेशन से महंगी बिजली न खरीदने और सस्ती बिजली खरीद प्रस्ताव के आधार पर संशोधित प्रस्ताव 10 दिनों में दोबारा देने के निर्देश दिए है। आयेाग अब बाद में सुनवाई के बाद इस पर फैसला करेगा।

पावर कारपोरेशन ने 21 जून 2017 को लगभग 70460 करोड़ रुपये का एआरआर(वार्षिक आय-व्यय) नियामक आयोग में दाखिल किया था। आठ अगस्त को वर्ष 2017-18 का टैरिफ बढोत्तरी का प्रस्ताव दिया। नियामक आयोग ने सोमवार को सुनवाई के दौरान एआरआर को स्वीकार करने से पहले बिजली कंपनियों के प्रस्ताव पर तमाम सवाल खड़े कर दिए। आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने अपने आदेश में बिजली कंपनियों के दाखिल बिजली दर बढ़ोत्तरी प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं किया। 

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नियामक आयोग ने एआरआर को मंजूर करते हुए यह सवाल भी उठाया कि बिजली कंपनियां उदय योजना में 6.95 फीसदी बढ़ोत्तरी की बात कह रही थीं जबकि टैरिफ प्रस्ताव में 22.48 फीसदी औसत वृद्धि प्रस्तावित की गयी है। नियामक आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में 141 फीसदी बढ़ोत्तरी और किसानों की 70 फीसदी बढ़ोत्तरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका है। यह ‘टैरिफ शॉक’ की श्रेणी में आता है। आयोग ने सुझाव दिया कि बिजली दरें उपभोक्ताओं के वहन करने लायक होनी चाहिए।

उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसे उपभोक्ताओं के हित में बताते हुए कहा कि आयोग ने परिषद के उठाए गए सभी बिन्दुओं को आयेाग ने अपने एआरआर मंजूर करने के आदेश में बिन्दुवार शामिल किया है। 

कितनी सब्सिडी चाहिए

नियामक आयेाग ने सवाल किया कि क्या बिजली कंपनियों को केवल 5500 करोड़ की सब्सिडी उचित है? यह बतायें कि वास्तव में कितनी सब्सिडी की जरूरत है? 

यह भी आदेश दिए

आयेाग ने आदेश दिया कि तीन दिन के अन्दर बिजली कम्पनियां प्रस्तावित एआरआर को समाचार पत्रों में प्रकाशित कर सार्वजनिक करें। एआरआर को स्वीकृत करने के बाद विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत अधिकतम 120 के अन्दर बिजली कम्पनियों में आम सुनवाई करने के उपरान्त टैरिफ आदेश जारी करना होगा।

- बयान - 
अभी पावर कारपोरेशन के एआरआर को शर्तों के साथ स्वीकृति दी है। बिजली दर पर निर्णय उपभोक्ताओं सहित सभी पक्षों को सुनने के बाद दिया जाएगा। - एसके अग्रवाल, अध्यक्ष, उप्र विद्युत नियामक आयोग

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  • Web Title:uttar pradesh electricity bill would not be increased