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खाड़ी देशों की पहली पसंद बने यूपी के कामगार, जानें पांच सालों में कैसे बदली तस्‍वीर

यूपी के कामगारों की खाड़ी देशों में बेहद मांग है। यही कारण है कि यूपी के लोग इन देशों की पहली पसंद बन गए हैं। हर साल रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करने वालों के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं।

खाड़ी देशों की पहली पसंद बने यूपी के कामगार, जानें पांच सालों में कैसे बदली तस्‍वीर
Ajay Singhराजकुमार शर्मा,लखनऊFri, 08 Dec 2023 05:42 AM
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UP workers: खाड़ी देशों में यूपी के कामगारों की बेहद मांग है। यही कारण है कि यूपी के लोग इन देशों की पहली पसंद बन गए हैं। हर साल रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करने वालों के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं। इस साल 27 नवंबर तक के विदेश मंत्रालय के इमीग्रेशन क्लियरेंस के आंकड़े देखें तो प्रदेश से एक लाख 20 हजार से अधिक लोग खाड़ी देशों में जा चुके हैं। यह सिलसिला जारी है और ये आंकड़ा बीते पांच सालों में सर्वाधिक है।

यूपी के कामगारों के हालात लगातार सुधर रहे हैं। यहां के हुनरमंद हाथों की विदेशों में भी खासी मांग है। खासतौर से खाड़ी देशों में काम के लिए जाने वालों में यूपी वाले पहले नंबर पर हैं जबकि बिहार इस मामले में दूसरे पायदान पर है। ऐसे देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं। यूएई की संस्था हंटर द्वारा कराए गए हालिया सर्वे के अनुसार तो नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र में एकाधिकार रखने वाले केरल को भी इस क्षेत्र में यूपी, बिहार ने पीछे छोड़ दिया है। संस्था के अनुसार, इस फेहरिस्त में यूपी, बिहार के बाद अन्य राज्यों के नाम आते हैं। आंकड़ों के हिसाब से रोजगार के लिए खाड़ी देशों को जाने वाले यूपी वालों की औसत उम्र 20 से 40 साल के बीच है।

यूपी में अब मिलते हैं कुशल कामगार
यदि जीसीसी (गल्फ कोऑपरेशन कंट्रीज) की बात करें तो यहां सर्वाधिक डिमांड डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, ड्राइवर, कुक, हाउस कीपिंग, कैटरिंग क्रू, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, आईटी टेक्नीशियन, मैकेनिक, डेंटर, फिटर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, बेल्डर, कारपेंटर आदि की है। यदि पांच-सात साल पहले की बात करें तो प्रदेश में इन क्षेत्रों में स्किल ट्रेनिंग की व्यवस्था न के बराबर थी। मगर अब हालात में भारी बदलाव आया है।

वर्ष 2016 से लेकर 2022 के बीच प्रदेश में नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। प्रदेश में अभी 383 नर्सिंग और 294 पैरामेडिकल कॉलेज हैं। जिनमें एमएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, डायलिसिस, ऑप्टोमेट्रिस्ट सहित अन्य कोर्स कर हर साल करीब 80 हजार नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्स कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के जरिए जाने वालों की यह है स्थिति

राज्य 2019 2020 2021 2022 2023
यूपी 1,16,251 28911 35221 1,07,652 1,20,179
बिहार 55,423 13911 24526 53781 55893
पश्चिम बंगाल 28982 7425 9917 27,908 26,353
मध्य प्रदेश 1145 220 232 1185 1141
झारखंड 3348 831 1481 3774 3629

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