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जेवर एयरपोर्ट से यूपी को मिलेगी नई उड़ान, दो लाख लोगों मिलेगा रोजगार, बदल सकता है चुनावी समीकरण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर न केवल गौतमबुद्ध नगर, बल्कि उत्तर प्रदेश को नई उड़ान देगा। बेहतर योजना के साथ बसाए गए ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक और आवासीय भूखंडों की मांग बढ़ी है। यही कारण है कि ग्रेटर...

जेवर एयरपोर्ट से यूपी को मिलेगी नई उड़ान, दो लाख लोगों मिलेगा रोजगार, बदल सकता है चुनावी समीकरण
Amit Guptaसुनील पाण्डेय,ग्रेटर नोएडाThu, 25 Nov 2021 10:40 AM
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर न केवल गौतमबुद्ध नगर, बल्कि उत्तर प्रदेश को नई उड़ान देगा। बेहतर योजना के साथ बसाए गए ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक और आवासीय भूखंडों की मांग बढ़ी है। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसा रहा है। यहां पर हीरा नंदानी जैसा ग्रुप डाटा सेंटर हब विकसित कर रहा है। यमुना प्राधिकरण में तो उद्योगों को कलस्टर के रूप में बसाया जा रहा है। कोविड काल में यमुना प्राधिकरण में 1259 कंपनियों को भूखंड आंवटित किए गए। इससे आठ हजार करोड़ का निवेश आएगा और करीब दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। यही कारण है कि प्राधिकरणों ने पांच प्रतिशत तक जमीनों के दाम बढ़ा दिए हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना वर्ष 1991 में हुई थी। इसे नियोजित तरीके से गुरुग्राम की तर्ज पर बसाया जाना था। शुरुआत में सब बेहतर रहा, लेकिन बाद में विकास की रफ्तार धीमी हुई। मगर अब जेवर एयरपोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को संजीवनी दे दी है। औद्योगिक सेक्टर में हलचल बढ़ी तो प्राधिकरण ने आठ नए औद्योगिक सेक्टर बसाने शुरू कर दिए। कोरोना काल में प्राधिकरण ने 90 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की। इसमें 7500 करोड़ का निवेश और सात हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में हायर, फॉर्मी मोबाइल, जे वर्ल्ड, चेनफेंग, सत्कृति इनफोटेनमेंट कंपनियों ने इकाई का निर्माण शुरू कर दिया। बोड़ाकी में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब में सरकार करीब 4000 करोड़ लगा रही है। इसमें 16000 करोड़ का निवेश बाहर से आने की उम्मीद है।

ये उद्योग स्थानांतरित होंगे

यमुना प्राधिकरण में भी जेवर एयरपोर्ट का असर साफ दिख रहा है। कोविड काल में यमुना प्राधिकरण ने 1259 कंपनियों को भूखंड आवंटित किए। इस आवंटन से प्राधिकरण क्षेत्र में 8023 करोड़ का निवेश होगा, जबकि 196020 लोगों को रोजगार मिलेगा। प्राधिकरण ने कलस्टर के हिसाब से उद्योगों को जमीन आवंटित की है। यहां पर एमएसएमई, हैंडीक्राफ्ट, अपैरल, लेदर पार्क, टॉय पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ये उद्योग ग्रेटर नोएडा-यमुना प्राधिकरण में शिफ्ट होंगे।

व्यावसायिक जमीनों में आया उछाल

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में व्यावसायिक भूखंडों की मांग बढ़ी है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ एक लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से अधिक में व्यावसायिक भूखंड बिका है। इसके पीछे जेवर एयरपोर्ट मुख्य कारण है। क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों की मांग बढ़ी है।

होटल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होटल इंडस्ट्री को पंख लगेंगे। एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, हैरिटेज सिटी के चलते होटल इंडस्ट्री में उछाल आने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा के अलावा यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे होटल बनाए जाएंगे।

एजुकेशन हब को मिलेगी संजीवनी

ग्रेटर नोएडा के एजुकेशन हब को और बड़ी ताकत मिलेगी। ग्रेटर नोएडा में करीब 75000 छात्र-छात्राएं प्रति वर्ष ग्रेजुएट बनते हैं। इनमें से चार से 5000 विदेशी छात्र भी शामिल होते हैं। एयरपोर्ट बनने के साथ ही विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। शारदा विश्वविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. अजीत कुमार बताते हैं कि जेवर एयरपोर्ट से एजुकेशन हब को संजीवनी मिलेगी। एयरपोर्ट आने के बाद यहां नरसी मोंजी जैसे शैक्षणिक संस्थान आ गए हैं। एयरपोर्ट के बाद इस इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां से मथुरा, वृंदावन और आगरा काफी नजदीक हैं। इसका फायदा इस एयरपोर्ट को भी मिलेगा। इसी को देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने दिल्ली से आगरा तक हैरिटेज कॉरिडोर बनाने की तैयारी की है। इसके पहले चरण में राया में हैरिटेज सिटी विकसित की जा रही है।


ऐसे बदल रही है सूरत

नर्सी मोंजी यूनिवर्सिटी - 450 करोड़ का निवेश
इलेक्ट्रॉनिक पार्क : 50 हजार करोड़ का निवेश
मेडिकल डिवाइस पार्क : 15 हजार करोड़ का निवेश
लेदर पार्क : 1,000 करोड़ का निवेश
हैंडीक्राफ्ट पार्क : 503 करोड़ का निवेश
टॉय सिटी पार्क : 400 करोड़ रुपये का निवेश
अपैरल पार्क : 1500 करोड़ का निवेश
एमएसएमई पार्क : 2500 करोड़
फूड पार्क : 6000 करोड़ रुपए का निवेश
पतंजलि हर्बल उत्पाद पार्क : 937 करोड़ का निवेश

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