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UP Weather: सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ यूपी में इस डेट से झमाझम बारिश, ज्योतिषाचार्य ने की भविष्यवाणी

UP Weather: सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ यूपी में इस डेट से झमाझम बारिश होगी। सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते ही सूर्य की तपन कम होती है। आकाश में बादल छाने लगते हैं।

UP Weather: सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश के साथ यूपी में इस डेट से झमाझम बारिश, ज्योतिषाचार्य ने की भविष्यवाणी
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊThu, 20 Jun 2024 09:53 AM
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प्रचंड गर्मी और भीषण लू से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार 21 जून मध्य रात सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते ही सूर्य की तपन कम होती है। आकाश में बादल छाने लगते हैं। माना जाता है इससे बारिश होती है। धरती जलमग्न होकर लोगों को शीतलता प्रदान करती है। सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में जाने से वर्षा ऋतु का आगमन भी माना जाता है। 

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में 21 जून की देर रात 12.06 बजे मीन लग्न में प्रवेश कर रहा है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते है। लग्नेश गुरु तृतीय भाव में होगा। उनकी दृष्टि सप्तम ,नवम व एकादश भाव पर है। जिससे पर्याप्त वर्षा होगी। लग्न पर राहु केतु का प्रभाव है। जो कहीं अधिक तो कही कम वर्षा का संकेत है। यह कृषि उपज के लिए बहुत अनुकूलता है। उन्होंने बताया कि सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में जाने से धरती माता रजस्वला होती हैं और इस दिन से वर्षा ऋतु का आगमन माना जाता है। हमारे कृषि प्रधान देश में इस दिन से फसल बोना अच्छा माना जाता है। 

नौतपा खूब तपा, अब होगी अच्छी बारिश
ऐसी मान्यता है कि जिस वर्ष नौतपा के दौरान प्रचंड गर्मी पड़ती है तो उस वर्ष आने वाले मानसून में बारिश भी बहुत अच्छी होती है। देखा जाए तो इस बार नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहा। इस दौरान पूरे नौ दिन खूब गर्मी हुई, बारिश या आंधी तूफान भी नहीं आया। इसे देखते हुए इस बार अच्छी बारिश की संभावना भी बन गई है।  


21 जून के बाद दिन छोटे और रात की अवधि बढ़ने लगती है
 
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। वहीं, दक्षिणी गोलार्द्ध में ये सबसे छोटा दिन होता है। इस दिन सूर्य से पृथ्वी के कई हिस्से को मिलने वाली ऊर्जा 30 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाती है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी की चाल के कारण 21 जून के बाद से दिन की अवधि घटने लगती है, यानि दिन छोटे होने लगते हैं और रात की अवधि धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। 21 सितंबर को जाकर दिन और रात बराबर हो जाते हैं। पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूरज है और 21 जून ऐसा दिन होता है, जिस दिन सबसे अधिक समय तक सूरज का प्रकाश पृथ्वी पर मौजूद रहता है। इसलिए इस दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।